तेलंगाना Voter List पर ओवैसी का EC पर हमला, 12 में से 4 डॉक्यूमेंट्स तो मौजूद ही नहीं हैं

By अभिनय आकाश | Jun 25, 2026

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना में चल रही चुनाव आयोग (EC) की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वोटर की पहचान वेरिफाई करने की मौजूदा शर्तों को बहुत ज़्यादा बोझिल और लोगों को प्रक्रिया से बाहर रखने वाला बताया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हैदराबाद के सांसद ने उन नागरिकों के सामने आ रही बड़ी मुश्किलों का ज़िक्र किया जिनके नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि इस लिस्ट में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) जैसे डॉक्युमेंट्स शामिल हैं, जो तेलंगाना में कभी लागू ही नहीं हुआ, और साथ ही परमानेंट रेजिडेंसी सर्टिफिकेट या फ़ैमिली रजिस्टर सिस्टम जैसे डॉक्युमेंट्स भी शामिल हैं, जो इस राज्य में जारी ही नहीं किए जाते।

इसे भी पढ़ें: BJP को रोकने के लिए Owaisi का बड़ा दांव, UP 2027 में विपक्ष से गठबंधन को तैयार

उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग (EC) से उन वोटरों के लिए 12 डॉक्यूमेंट जमा करने की ज़रूरत को कम करने का अनुरोध किया, जिनके नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं और न ही उनके पिता, माता, दादा या दादी के नाम उसमें हैं। मंजूर किए गए 12 डॉक्यूमेंट में से एक NRC है, जो तेलंगाना में नहीं हुआ था, इसलिए वह ऑप्शन उपलब्ध नहीं है। दूसरा परमानेंट रेजिडेंसी सर्टिफिकेट है, जो तेलंगाना में जारी नहीं किया जाता, इसलिए वह ऑप्शन भी उपलब्ध नहीं है। तेलंगाना में फ़ैमिली रजिस्टर सिस्टम भी नहीं है। सिर्फ़ आधार को ही वैलिड डॉक्यूमेंट नहीं माना जाता है। ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब तेलंगाना में SIR प्रक्रिया आज शुरू हो रही है, जिसमें बूथ लेवल ऑफ़िसर (BLO) एन्यूमरेशन फ़ॉर्म बांटने के लिए घर-घर जा रहे हैं। ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट 31 जुलाई को पब्लिश होनी है, दावे और आपत्तियों का समय 31 जुलाई से 30 अगस्त तक चलेगा, और फ़ाइनल वोटर लिस्ट 1 अक्टूबर को पब्लिश की जाएगी।

इसे भी पढ़ें: अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर भड़के Asaduddin Owaisi, बोले- 'PM के पास उत्सवों का समय है, निंदा का नहीं!

पहचान के लिए [आधार] का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने के बावजूद, ओवैसी ने तर्क दिया कि EC इसे अकेले वैलिड डॉक्यूमेंट के तौर पर मानने से इनकार करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आयोग को इसके बजाय पैन कार्ड को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि ड्राइविंग लाइसेंस और फ़ूड सिक्योरिटी कार्ड जैसे राज्य द्वारा जारी अन्य डॉक्यूमेंट की तरह ये भी भरोसेमंद हैं। ओवैसी ने आगे कहा 12 डॉक्यूमेंट में से चार असल में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे सिर्फ़ आठ ही बचते हैं। हमने EC से पैन कार्ड स्वीकार करने का अनुरोध किया क्योंकि कोई व्यक्ति राज्य सरकार द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस या फ़ूड सिक्योरिटी कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट के आधार पर वोट दे सकता है। हालाँकि, EC ने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया।"

ओवैसी ने 2002 की वोटर लिस्ट में "कई कमियों" की ओर इशारा किया, जिसे EC ने मैन्युअल रूप से तैयार किया था। उन्होंने परिवार के रिश्तों पर EC के मानदंडों पर भी सवाल उठाए। ओवैसी ने मैन्युअल रूप से तैयार 2002 की वोटर लिस्ट में मौजूद गलतियों, जैसे स्पेलिंग की गलतियाँ या परिवार में पीढ़ियों के बीच उम्र के अंतर से जुड़े मनमाने मानदंडों के लिए मौजूदा वोटरों को सज़ा देने के लिए EC की आलोचना की। अगर उस लिस्ट में स्पेलिंग की गलतियाँ हैं, तो EC की गलतियों के लिए आज वोटरों को सज़ा कैसे दी जा सकती है? कौन सा कानून कहता है कि अगर किसी परिवार में छह बच्चे हैं, तो उनके नाम शामिल नहीं किए जा सकते? उन्होंने कहा माता-पिता और बच्चों के बीच 15 साल का अंतर और दादा-दादी/नाना-नानी और पोते-पोतियों के बीच 40 साल का अंतर होने की अनुमति नहीं है। इन्हें गड़बड़ी कैसे माना जा सकता है? एआईएमआईएम प्रमुख ने EC से प्री-SIR मैपिंग डेटा को बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा करने की अपनी मांग दोहराई, ताकि यह पक्का किया जा सके कि संशोधन प्रक्रिया समावेशी और पारदर्शी हो; उनका दावा है कि इस मांग को बार-बार नज़रअंदाज़ किया गया है।

प्रमुख खबरें

Fatty Liver की समस्या दूर करने के लिए डाइट में शामिल करें Fiber और Protein

Ishwar Chandra Vidyasagar Birth Anniversary: बंगाल पुनर्जागरण के प्रमुख स्तंभ थे ईश्वरचंद्र विद्यासागर

West Indies के खिलाफ वनडे सीरीज में Rohit Sharma और Virat Kohli पर रहेंगी निगाहें

World Environmental Health Day 2026: स्वस्थ पर्यावरण तो स्वस्थ मानव, यही स्वस्थ पृथ्वी का संकल्प