By अभिनय आकाश | Jun 10, 2026
अपनी जनता को आटा तक नहीं खिला पा रहे और दुनिया के सामने कटोरा लेकर खड़े हैं। लेकिन इसके साथ ही पड़ोसियों के घर में घुसकर बमबारी कर रहे हैं। जिस पाकिस्तान की अपनी जमीन आतंकियों की फैक्ट्री बनी हुई है, उसी की बुजदिल सेना ने आधी रात के अंधेरे में अफगानिस्तान के मासूम लोगों पर हवाई हमले कर दिए। 11 मासूम बच्चे, वो बच्चे जिन्होंने अभी दुनिया देखी तक नहीं थी, उन्हें पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने मलबे में दफन कर दिया। पाकिस्तान समझ रहा है कि वो ताकतवर है। नहीं, यह उसकी ताकत नहीं बल्कि हार की बौखलाहट है। दरअसल, बीती रात पाकिस्तानी एयरफोर्स के विमानों ने अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर को पार किया। जैसा कि अफगानिस्तान का दावा है और तालिबान ने इसकी पुष्टि भी की। निशाना कोई छावनी नहीं थी। निशाना थे कुनार खोस और पकिका के वो रिहाइशी इलाके जहां आम अफगानी नागरिक सुकून से रहते थे।
अब सवाल यह है कि क्या ये 11 मासूम पाकिस्तान के लिए खतरा थे? नहीं बिल्कुल नहीं। अफगानिस्तान की धरती पर आज मातम जरूर है। 13 लोगों ने अपनी जान गवाई और जान लेने वाला पाकिस्तान है जिसमें महिला और बुजुर्ग भी शामिल है। 14 लोग अस्पतालों में तड़प रहे हैं। जब उल्ला मुजाहिद का गुस्सा अब बारूद बन चुका है। अफगानिस्तान ने इसे अमानवीय अपराध कहा है और जानकारों का कहना है कि यह पाकिस्तान का आखिरी दांव है। वो अफगानिस्तान को उकसा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति मिल सके।