ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए अमेरिका में 60 बार लगाई थी गुहार, पाकिस्तान पर अमेरिका का सबसे बड़ा खुलासा

By अभिनय आकाश | Jan 07, 2026

पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान भारत की ओर से तय सैन्य कार्रवाई की सोच से कांप रहा था। वह किसी भी तरह से भारत का ऑपरेशन सिंदूर रोकना चाहता था। इसके लिए उसने लॉबिंग के तहत अपने राजनयिकों के जरिए अमेरिका में शीर्ष प्रशासिक अधिकारियों, सांसदों, पेंटागन और विदेश विभाग के अफसरों के साथ करीब 60 बार संपर्क किया था। अमेरिका के फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (फारा) के तहत दाखिल दस्तावेजों से पता चला है कि पाकिस्तानी राजनयिकों ने ईमेल, फोन कॉल, वनटूवन बैठकों के जरिए अप्रैल अंत से लेकर चार दिनी ऑपरेशन सिंदूर के बाद तक संघर्ष विराम के लिए बैठकें जारी रखीं। वह किसी भी तरह से भारत पर वॉशिंगटन का दबाव बनाकर युद्ध रुकवाना चाहता था। उसने ट्रंप प्रशासन तक तेजी से पहुंच बनाने और व्यापार व कूटनीतिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए छह लॉबिंग फमों पर करीब 45 करोड़ रु. खर्च किए थे। अप्रैल और मई के दौरान पाकिस्तान का लॉबिंग खर्च भारत की तुलना में कहीं अधिक बताया गया।

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जेसन मिलर के नेतृत्व वाली एसएचडब्ल्यू पार्टनर्स एलएलसी को भारतीय दूतावास ने अप्रैल में कथित तौर पर एक वर्ष के लिए 1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर में नियुक्त किया था। यह भारतीय दूतावास द्वारा नियुक्त की गई दूसरी लॉबिंग फर्म थी। अगस्त 2025 में, भारतीय दूतावास ने अमेरिका को भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से कुछ ही दिन पहले रणनीतिक संचार सेवाएं प्रदान करने के लिए एक और लॉबिंग फर्म को नियुक्त किया था। उस समय के विदेशी एजेंट पंजीकरण दस्तावेजों के अनुसार, दूतावास ने 15 अगस्त से शुरू होने वाले तीन महीने के अनुबंध पर मर्करी पब्लिक अफेयर्स के साथ हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत 75,000 डॉलर का मासिक शुल्क दिया जा रहा था।

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