By अभिनय आकाश | Oct 29, 2026
पाकिस्तान चीन का पिछलग्गू है, इस बात को तो पूरी दुनिया अच्छे से जानती है। लेकिन ताइवान के मामले पर भारत ने जो कहा है जो करने की बात कही है वो बताता है कि भारत एक जिगरा वाला देश है। चीन के वन चाइना पॉलिसी के समर्थन में पाकिस्तान ने कुछ ऐसा किया है जिसके कारण पूरी दुनिया में उसकी थूथू हो रही है। उसने एक घिनौना कदम उठाया। चीन का पिछलग्गू बनने के लिए पाकिस्तान ने ताइवान के ही एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया। इस कदम के बाद ताइवान की प्रमुख विमानन कंपनियों को यूरोप जाने वाली उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट सामने आई है। पाकिस्तान ने उसके मुताबिक ब्लूमबर्ग के मुताबिक कि पाकिस्तान ने ताइवान की एयरलाइंस को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने गुजरने की जो अनुमति है उसको देना बंद कर दिया है। हाथ जोड़ लिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को लेकर जानकारी है कि उन्होंने इस खबर की पुष्टि कर दी है और कहा है कि देश का विमानन विभाग वन चाइना पॉलिसी का पालन करता है और केवल मुख्य चाइना मेनलैंड चाइना की एयरलाइंस को पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान भरने की अनुमति देता है। उनके मुताबिक जो बात कही जा रही है कि पाकिस्तान ने सिर्फ चीनी एयरलाइंस के लिए अपने हवाई मार्ग खोले रखे हैं। चाइना ने जैसे ही पेंचें कसी इनकी ये पीछे-पीछे हो लिए।
पाकिस्तान को चाहिए पैसा, इनको चाहिए समर्थन, इनको चाहिए हथियार, इनको चाहिए प्रोपोगेंडा का समर्थन। पाकिस्तान के इस तमाशे का अगर कोई समर्थन करता है तो उस देश का नाम चीन है। इस बात में किसी को कोई दो राय नहीं है। तो चाइना ने थोड़ी पेंचें कसी तो पाकिस्तान पिछल्लगू की तरह कहने लगा कि वन चाइना पॉलिसी, वन चाइना पॉलिसी और हम उसका पालन करेंगे। इसके पहले नहीं कर रहे थे क्या जब उड़ाने भर रही थी तो? यह भद्दा मजाक है। यह बताता है कि पाकिस्तान एक पिटा हुआ ऐसा थका हुआ नेशन है जो पैसे के लिए किसी भी हद तक नीचे गिर सकता है। पाकिस्तान भले ही ये कहे कि चीन जो है वो उसका समर्थक है। ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है। वो ऐसी बात करता है। ताइवान की स्वतंत्रता को नहीं मानता है। तमाम चाइना के समर्थन में वो बातें कह सकता है।