By अभिनय आकाश | Apr 13, 2026
पूरी दुनिया इस वक्त शांति की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन पाकिस्तान है कि हर मौके पर अपनी बेइज्जती करवाने का कोई रास्ता निकाल ही लेता है। एक तरफ मध्य पूर्व में तनाव कम हो रहा था। सीज फायर लागू हो चुका था। ईरान ने भी अपने हमले रोक दिए थे। लेकिन तभी पाकिस्तान ने फिर वही पुराना खेल खेल दिया। जिस वक्त दुनिया शांति की तरफ बढ़ रही थी। उस वक्त पाकिस्तान ने अपने फाइटर चैट्स और करीब 13,000 सैनिक सऊदी अरब में भेज दिए। दरअसल 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा समझौता हुआ था। जिसके मुताबिक अगर किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। कागजों पर यह समझौता भले ही मजबूत दिखता था, लेकिन असल में यह पाकिस्तान की मजबूरी और उसकी निर्भरता को उजागर करता है। सबसे बड़ी बात देखिए जब ईरान सऊदी अरब पर हमले कर रहा था, तब पाकिस्तान कहीं नजर नहीं आया।
पहले ही ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे में पाकिस्तान का खुलकर सऊदी के साथ खड़ा होना उसे एक पक्षीय खिलाड़ी बना देता है। जिसका सीधा असर भविष्य में उस पर पड़ सकता है। यानी आने वाले समय में पाकिस्तान खुद अपने लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। कुल मिलाकर पाकिस्तान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि सुधारने में नहीं बल्कि उसे और उलझाने में माहिर है। एक तरफ शांति वार्ता दूसरी तरफ सैन्य तैनाती ये दोनों चीजें साथ-साथ नहीं चल सकती। लेकिन पाकिस्तान से शायद यही उम्मीद की जा सकती थी।