PoJK में घातक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है

By अभिनय आकाश | Jun 17, 2026

पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हिंसक कार्रवाई करने के आरोपों के बाद पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फ़ाउंडेशन (IHRF) ने अधिकारियों पर यह आरोप लगाया है। इस कार्रवाई के कारण 8 जून और 16 जून, 2026 के बीच 32 से ज़्यादा आम नागरिकों की मौत हो गई। एक्स पर शेयर की गई एक पोस्ट में आईएचआरएफ ने 'जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JKJAAC) से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ बल के अत्यधिक इस्तेमाल की निंदा की। यह संकट तब और बढ़ गया जब अधिकारियों ने 5 जून को आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत JKJAAC को "प्रतिबंधित संगठन" घोषित कर दिया। IHRF के अनुसार, इस कदम के बाद पूरे इलाके में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिए गए, संघीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं और इलाके में आने-जाने पर पाबंदियां लगा दी गईं।

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IHRF के अनुसार, इस इलाके के लोगों को राजनीतिक भागीदारी, इकट्ठा होने की आज़ादी और संगठन बनाने की आज़ादी पर पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। समूह ने कहा कि ऐसे कदम 'इंटरनेशनल कोवेनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स' (ICCPR) के तहत पाकिस्तान की ज़िम्मेदारियों का उल्लंघन करते हैं। IHRF ने पाकिस्तान सरकार और PoJK प्रशासन से मांग की कि वे प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग तुरंत बंद करें, इंटरनेट और मोबाइल सेवाएँ बहाल करें, बिना वजह हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करें और JKJAAC पर लगी पाबंदी हटाएँ।

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