Prabhasakshi NewsRoom: भारत को घेरने के लिए बुलाई गई UNSC की बैठक में खुद घिर गया पाकिस्तान, सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने कर दी सवालों की बौछार

By नीरज कुमार दुबे | May 06, 2025

पाकिस्तान सोचता है कि 100 बार बोलने से कोई झूठ सच हो जायेगा लेकिन हर बार उसे ऐसे प्रयास में मुँह की खानी पड़ती है। पहलगाम आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए भारत की संभावित सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से गुहार लगाई। पाकिस्तान ने यह भी कहा था कि यह बैठक बंद कमरे में होनी चाहिए इसलिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्यों ने एक बंद कमरे में बैठक की। लेकिन बैठक शुरू होते ही पाकिस्तान पर जो प्रश्नों की बौछार शुरू हुई उसे देखकर समझ आ गया कि इस्लामाबाद को ऐसा होने का अंदेशा था इसलिए उसने सभाकक्ष की बजाय बंद कमरे में बैठक बुलाने के लिए कहा ताकि जगहंसाई से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि बैठक में सदस्य देशों ने पाकिस्तान से काफी कड़े सवाल पूछे। इस तरह पाकिस्तान ने भारत को घेरने के उद्देश्य से जो बैठक बुलाई थी उसमें वह खुद ही घिर गया।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान को बड़ा झटका! UNSC वाली चाल भी निकली फुस... जनरल मुनीर के सैनिक क्या प्यासे करेंगे भारत से जंग?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में राजदूतों ने दोनों देशों से संयम बरतने और संवाद करने का आह्वान किया। हम आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मई महीने के लिए अध्यक्ष यूनान ने पाकिस्तान के अनुरोध पर सोमवार को बैठक निर्धारित की थी। पाकिस्तान वर्तमान में सुरक्षा परिषद का एक अस्थायी सदस्य है। सुरक्षा परिषद की यह बैठक दोपहर को लगभग डेढ़ घंटे तक चली। बैठक का आयोजन ‘यूएनएससी चैंबर’ में नहीं बल्कि उसके बगल के परामर्श कक्ष में हुआ। सुरक्षा परिषद ने बैठक के बाद कोई बयान जारी नहीं किया लेकिन पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके उद्देश्य ‘‘काफी हद तक पूरे हो गए’’।

हम आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में राजनीतिक और शांति निर्माण मामलों के विभाग (डीपीपीए) एवं शांति अभियान विभाग (डीपीओ) में पश्चिम एशिया, एशिया और प्रशांत मामलों के लिए सहायक महासचिव खालिद मोहम्मद खैरी ने दोनों विभागों की ओर से सुरक्षा परिषद को जानकारी दी। खालिद मोहम्मद खैरी ट्यूनीशिया से हैं। बैठक से बाहर आकर खैरी ने कहा कि ‘‘संघर्ष का समाधान संवाद और शांतिपूर्ण तरीके से निकालने’’ का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि ‘‘स्थिति काफी अस्थिर है।’’ उधर, संयुक्त राष्ट्र में यूनान के स्थायी प्रतिनिधि एवं वर्तमान यूएनएससी अध्यक्ष राजदूत इवेंजेलोस सेकेरिस ने इसे ‘‘सार्थक और उपयोगी बैठक’’ बताया। बैठक से बाहर आकर रूस के एक राजनयिक ने कहा, ‘‘हमें तनाव कम होने की उम्मीद है।''

वहीं संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में देश के उद्देश्य ‘‘काफी हद तक पूरे और हासिल किए गए’’। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में हुई बैठक का उद्देश्य परिषद के सदस्यों को भारत-पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने तथा इस स्थिति से निपटने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना है। इसमें गंभीर परिणाम पैदा करने वाले टकराव से बचना और तनाव कम करने की आवश्यकता भी शामिल है। अहमद ने परिषद के सदस्यों को उनकी भागीदारी और संयम, तनाव कम करने और बातचीत के लिए उनके आह्वान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान टकराव नहीं चाहता, लेकिन ‘‘हम अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं’’।

प्रमुख खबरें

एक ही दिन दो बड़े Air Crash, France और Saudi Arabia में 25 लोगों ने गंवाई जान

TIAS Convocation: Prof. Sanjay Dwivedi बोले- AI के दौर में Digital Transformation के लिए तैयार हों छात्र

New Delhi में चर्चा, जब Indira Gandhi की Emergency के खिलाफ भवानी प्रसाद मिश्र की कलम बनी हथियार

Awami League को बचाने की जंग, Sheikh Hasina का ऐलान, बोलीं- हर साजिश तोड़कर इसी साल लौटूंगी वतन