Pakistan का New Budget: आवाम पर टैक्स का बोझ, क्या IMF को खुश करने में जुटी है सरकार?

By अभिनय आकाश | Jun 18, 2026

पाकिस्तान के 2026-27 वित्तीय वर्ष के बजट की नागरिकों ने आलोचना की है। उनका कहना है कि ऐसे समय में जब देश बढ़ती महंगाई, यूटिलिटी की बढ़ती लागत और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रहा है, यह बजट कोई खास राहत नहीं देता है। सरकार ने हाल ही में लगभग 67.5 अरब अमेरिकी डॉलर का बजट पेश किया, जिसमें अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के प्रयासों पर ज़ोर दिया गया। नेशनल असेंबली में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब ने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण आर्थिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इस बजट में रक्षा के लिए ज़्यादा आवंटन किया गया है, जबकि विकास कार्यों पर होने वाले खर्च में कटौती की गई है।

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कई लोगों का मानना ​​है कि सरकार कम और मध्यम आय वाले उन वर्गों की ज़रूरतों को पूरा करने में नाकाम रही है, जो पहले से ही देश भर में महंगाई से जूझ रहे हैं। एक निवासी ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि भले ही अधिकारी राहत देने का दावा कर रहे हों, लेकिन दूध, शैम्पू और रोज़मर्रा की अन्य ज़रूरी चीज़ों पर टैक्स बढ़ा दिए गए हैं। उनके अनुसार, लोगों को आटा, दाल, खाना पकाने का तेल और डेयरी उत्पादों जैसी ज़रूरी चीज़ें सस्ती दरों पर मिलनी चाहिए, लेकिन बजट में इस दिशा में बहुत कम मदद दी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च भी एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। कराची के एक निवासी, जो दिल की बीमारी और डायबिटीज़ से पीड़ित हैं, ने बताया कि हाल के वर्षों में उनकी दवाओं की कीमतें तीन गुना से ज़्यादा बढ़ गई हैं, जिससे इलाज का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है।

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