By अभिनय आकाश | Jan 28, 2026
विशेष एनआईए अदालत ने सिम कार्ड के फर्जी इस्तेमाल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग से जुड़े पाकिस्तान के नेतृत्व वाले जासूसी षड्यंत्र मामले में एक प्रमुख आरोपी को पांच साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि आरोपी अल्ताफहुसेन घनचीभाई उर्फ शकील ने मुकदमे के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया था, जिसमें अभियोजन पक्ष द्वारा 37 गवाहों से पूछताछ की गई थी। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने मंगलवार को आरोपी को सिम कार्ड, वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) और सोशल मीडिया सहित विशिष्ट पहचान सुविधाओं के दुरुपयोग का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। तदनुसार, घनचीभाई को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 (षड्यंत्र आदि के लिए सजा) के तहत पांच साल छह महीने के साधारण कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66सी (पहचान की चोरी के लिए सजा) के तहत दो साल छह महीने के साधारण कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
एनआईए की जांच में यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि आरोपियों ने अपने मोबाइल में भारतीय सिम कार्ड डाले और ओटीपी जनरेट किए, जिन्हें उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों (पीआईओ) के साथ साझा किया, जिससे वे पाकिस्तान से भारतीय व्हाट्सएप नंबरों का संचालन कर सके।