By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 29, 2026
महाराष्ट्र में पालघर जिले की एक अदालत ने इलाज के बिल को लेकर हुए विवाद के बाद एक निजी अस्पताल में कथित तोड़फोड़ के मामले में शिवसेना विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र गावित के बेटे रोहित समेत छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं मंगलवार को खारिज कर दी। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सुजाता बंदाल ने बचाव पक्ष के वकीलों और सरकारी अभियोजकों के बीच कई दिनों तक चली कानूनी दलीलों के बाद मंगलवार को यह फैसला सुनाया। पांच और छह सितंबर की दरम्यानी रात शिवसेना कार्यकर्ता पालघर स्थित रिलीफ अस्पताल में कथित तौर पर घुस गए थे, जहां दही हांडी उत्सव में शामिल कुछ घायल ‘गोविंदा’ (मानव पिरामिड बनाने वाले युवक) भर्ती थे।
सभी 23 आरोपियों को पहले न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इनमें से छह प्रमुख आरोपियों-रोहित गावित, वृषभ वारे, मनीष सांखे, साईराज पाटिल, राहुल सांखे और नीलम सांखे ने अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि ये आरोपी केवल दर्शक के तौर पर अस्पताल में मौजूद थे, वे आईसीयू में नहीं गए थे और वह किसी तरह की तोड़फोड़ या हिंसा में शामिल नहीं हुए।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने अवैध जमावड़े और स्वास्थ्य केंद्र में व्यवधान से संबंधित पुलिस के आरोपों को बरकरार रखने के लिए उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के फैसलों का हवाला दिया। दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और मंगलवार शाम को अपना निर्णय सुनाते हुए सभी छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत के फैसले के बाद सभी आरोपी जांच जारी रहने तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।