बिहार के 22 जिलों में होगा पपीता क्षेत्र विस्तार, किसानों की आय वृद्धि और बागवानी क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

By प्रेस विज्ञप्ति | Sep 08, 2025

माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री, बिहार विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एम॰आई॰डी॰एच॰) अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक कुल दो वर्षों की अवधि के लिए पपीता विकास योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना पर कुल 01 करोड़ 50 लाख 75 हजार  रुपये की लागत व्यय होगी। इसके अधीन वित्तीय वर्ष 2025-26 में 90 लाख 45 हजार रुपये की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने आगे कहा कि इकाई लागत 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर पर भारत सरकार की मार्गदर्शिका के अनुसार 40 प्रतिशत अनुदान और राज्य योजना से अतिरिक्त 20 प्रतिशत टॉप-अप के साथ कुल 60 प्रतिशत अर्थात् 45 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी, जिसमें पहली किस्त के रूप में 27 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और दूसरी किस्त के रूप में 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: Bihar SIR पर SC का बड़ा आदेश, आधार को 12वां दस्तावेज़ माना जाएगा

श्री सिन्हा ने कहा कि इस योजना का कार्यान्वयन राज्य के 22 जिलों भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, जहानाबाद, लखीसराय, मधेपुरा, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, गया, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, मधुबनी और वैशाली में किया जाएगा। किसानों को न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) से अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक योजना का लाभ मिलेगा। माननीय उप मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पपीता विकास योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। इससे उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होगी तथा किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय सुधार होगा।

प्रमुख खबरें

सचिन तेंदुलकर के साथ Debut करने वाले Salil Ankola डिप्रेशन में, Pune के सेंटर में भर्ती हुए

Cooper Connolly का तूफानी शतक पड़ा फीका, Sunrisers Hyderabad ने जीता रोमांचक मैच

West Bengal: अब ममता बनर्जी नहीं रहीं मुख्यमंत्री, राज्यपाल आरएन रवि ने भंग की विधानसभा

सियासत का नया व्याकरण लिखता जनादेश 2026