By अंकित सिंह | Oct 05, 2026
पंजाब कांग्रेस प्रमुख परगट सिंह ने सोमवार को राज्य प्रशासन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और अधिकारियों को सरकार का साथ देने के खिलाफ चेतावनी दी। यह चेतावनी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद आई है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखे गए पत्रों से जुड़े मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने को कहा गया था।
उन्होंने AAP विधायकों और पंजाब के DGP, मुख्य सचिव और दूसरे मंत्रियों समेत संबंधित अधिकारियों को आगाह किया कि उनकी नाव डूबने वाली है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी हालत में सत्ता में बैठे अधिकारियों को राज्य की जनता को नतीजों का सामना करने के लिए अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं विधायकों और सभी अधिकारियों को चेतावनी दे रहा हूँ कि यह नाव डूबने वाली है। दिल्ली के ये लोग सब कुछ लूट लेंगे। मैं DGP, मुख्य सचिव और उनके सभी विधायकों और मंत्रियों को चेतावनी दे रहा हूँ। जब सरकार दबाव में आएगी तो वे खुद को दूर करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उन्हें पंजाब की जनता को नतीजों का सामना करने के लिए अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पुलिस की मनमानी और बड़े पैमाने पर हो रही वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने राज्य प्रशासन पर आरोप लगाया कि जब लोग सवाल उठाते हैं, तो उनके साथ "थर्ड-डिग्री जैसा बर्ताव" किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को पुलिस की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के खजाने की भारी लूट का पर्दाफाश होने वाला है। चाहे कानून-व्यवस्था की स्थिति हो, जिसमें गोलियां चल रही हैं, या फिर ड्रग्स का मुद्दा, लोग गंभीर सवाल उठा रहे हैं। लोगों को पंजाब सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब लोग सरकार से सवाल पूछते हैं, तो कथित तौर पर उनके साथ थर्ड-डिग्री जैसा बर्ताव किया जाता है। पुलिस उन्हें पीटती है और फिर उनकी हालत और खराब कर देती है। यह एक नाकाम और बेकार सरकार है। इस सरकार को जाना होगा।