By दिव्यांशी भदौरिया | Sep 21, 2026
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। एकादशी का व्रत भगवान विष्ण को समर्पित है। हर साल 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं और प्रत्येक महीने में 2 बार ग्यारस आती है। इन एकादशी तिथि का अपना अलग-अलग महत्व है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हुए करवट बदलते हैं। फिलहाल चातुर्मास चल रहा है और भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी तक योगानिद्रा में रहते हैं। आइए आपको बताते है कब रखा जाएगा परिवर्तिनी एकादशी का व्रत, पूजा विधि और व्रत पारण का शुभ मुहूर्त।
परिवर्तिनी एकादशी 2026 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 सितंबर 2026 की रात 8 बजे शुरु होगी और इसका समापन 22 सितंबर की रात 9.43 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026 को रखा जाएगा।
परिवर्तिनी एकादशी 2026 पूजा मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह :52 बजे से 5:40 बजे तक
अभिजित मुहूर्त-दोपहर 12:07 बजे से 12:55 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 6:35 बजे से 6:59 बजे तक
सायाह्न संध्या का समय शाम 6:35 बजे 7:46 बजे तक
परिवर्तिनी एकादशी 2026 पारण का समय
एकादशी व्रत का पारण करना बेहद जरुरी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत का समापन उचित समय पर करना चाहिए। व्रत का पारण 23 सितंबर को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6.27 बजे से 8.53 बजे तक रहने वाला है। इस दिन द्वादशी तिथि का समापन रात 10 बजकर 50 मिनट पर होगा।