By एकता | Feb 10, 2026
| Today 12:54 | कांग्रेस सांसद ने साइबर इकोसिस्टम के नियमन का अनुरोध कियाहरियाणा से कांग्रेस सांसद कार्तिकेय शर्मा ने स्ट्रीमिंग से लेकर गेमिंग तक संपूर्ण साइबर इकोसिस्टम को विनियमित करने और गेम ऑडिटिंग को अनिवार्य बनाने का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डिजिटल स्पेस बच्चों के लिए सुरक्षित हैं। |
| Today 12:53 | भाजपा सांसद ने चिकित्सा पर्यटन पर सवाल उठायाभाजपा सांसद सुमित्रा बाल्मी ने आयुष मंत्री से पूछा कि भारत में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय क्या प्रयास कर रहा है। आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव ने बताया कि मंत्रालय इन प्रयासों को लेकर प्रतिबद्ध है क्योंकि हजारों विदेशी पर्यटक चिकित्सा पर्यटन के लिए भारत आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय कई स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन करता है जो इन पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करने में देश की मदद करते हैं। |
| Today 12:25 | लोकसभा में गतिरोध बरकरार, कार्यवाही दो बजे तक स्थगितलोकसभा में मंगलवार को भी पिछले कुछ दिन की तरह ही विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण गतिरोध जारी है और बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही जब एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की मांग है कि सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति मिले। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही पीठासीन सभापति पी सी मोहन ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि वे बजट पर चर्चा करें। रीजीजू ने कहा, ‘‘बजट का समय है, बजट पर चर्चा कीजिए। |
| Today 12:25 | विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांगभारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सदन में चार फरवरी को हुए हंगामे को लेकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इन महिला सांसदों का कहना है कि चार फरवरी को कुछ विपक्षी सदस्य सत्ता पक्ष की बेंचों की ओर गए, मेज पर चढ़े और प्रधानमंत्री की सीट पर कब्जा कर ‘‘घोर अपराध’’ किया था। भाजपा की महिला सांसदों ने कहा कि लोकसभा परिसर में चार फरवरी को घटनाक्रम ने ‘‘चिंताजनक मोड़’’ ले लिया था और हालात गंभीर व अप्रिय परिणामों की ओर जा सकते थे। उन्होंने कहा कि यह भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास के ‘‘सबसे काले क्षणों’’ में से एक बन सकता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार फरवरी को विपक्ष के हंगामे के कारण संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब नहीं दे सके थे। |