संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, विपक्ष उठा सकता है सोनम वांगचुक और राम मंदिर का मुद्दा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 19, 2026

संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार के विधायी एजेंडे और संसद की आगामी कार्यवाही से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं को आमंत्रित किया गया है ताकि सत्र के दौरान सदन का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।

बैठक में एक और बड़ा मुद्दा अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और हेराफेरी का हो सकता है। समाजवादी पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले को संसद में पूरी मजबूती के साथ उठाएगी। इस विषय पर विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया मिलने की संभावना है।

सरकार इस सत्र के दौरान कई नए और महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन के पटल पर रखने वाली है। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। यह विधेयक राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने के लिए लाया जा रहा है।

इसके अलावा, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य पंजीकरण के नियमों को और अधिक सख्त बनाना है। सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 भी लाएगी, जो विदेशी निवेशकों को कर छूट देने वाले अध्यादेश की जगह लेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस बैठक के लिए टीएमसी से अलग हुए समूह के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को भी न्योता भेजा है।

संसद का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सत्र से पहले होने वाली इस पारंपरिक बैठक में सरकार आमतौर पर सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने और कार्यवाही को बिना किसी बाधा के संचालित करने में सहयोग का अनुरोध करती है।

प्रमुख खबरें

Captain Harmanpreet Singh ने भरी हुंकार, कहा- ACT में किसी टीम को हल्के में नहीं लेंगे

Ranji Trophy: अंगकृष रघुवंशी और मुशीर खान के शतकों से मजबूत स्थिति में पहुंचा Mumbai

Ather Energy को दूसरी तिमाही में पहली बार 1.5 करोड़ का Net Profit, Revenue 62.9 फीसदी बढ़ा

Probity for Prosperity: MoHFW ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ली Integrity Pledge, दोहराई प्रतिबद्धता