पासपोर्ट प्राधिकरण नवीनीकरण के लिए यात्रा कार्यक्रम नहीं मांग सकता : Supreme Court

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 20, 2025

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि देश के संवैधानिक ढांचे में स्वतंत्रता राज्य का उपहार नहीं बल्कि उसका पहला दायित्व है। इसने यह भी कहा कि पासपोर्ट प्राधिकरण को नवीनीकरण के चरण में भविष्य की यात्राओं या वीजा की अनुसूची की मांग करने की आवश्यकता नहीं है।

इसने कहा, ‘‘हमारे संवैधानिक ढांचे में स्वतंत्रता राज्य का उपहार नहीं बल्कि उसका पहला दायित्व है। कानून के अधीन रहते हुए, किसी नागरिक को आवागमन करने, यात्रा करने, आजीविका और अवसर प्राप्त करने की स्वतंत्रता भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दी गई गारंटी का एक अनिवार्य हिस्सा है।’’

शीर्ष अदालत ने यह आदेश महेश कुमार अग्रवाल की याचिका पर दिया, जो झारखंड के रांची स्थित एनआईए अदालत में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमे का सामना कर रहे कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले का दोषी है।

अग्रवाल ने जमानत की शर्त के रूप में अदालत में जमा किए गए अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण का आग्रह किया था। लेकिन उसका पासपोर्ट 2023 में समाप्त हो गया था।

शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘पासपोर्ट प्राधिकरण को नवीनीकरण के चरण में भविष्य की यात्राओं या वीजा की अनुसूची मांगने की आवश्यकता नहीं है, जो शायद अभी मौजूद ही न हो। उसका काम यह देखना है कि लंबित कार्यवाही के बावजूद, आपराधिक अदालतों ने अपनी निगरानी में यात्रा की संभावना को खुला रखने का विकल्प चुना है या नहीं।’’

अग्रवाल ने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा नवीनीकरण की अनुमति न दिए जाने को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, कोलकाता को पासपोर्ट के नवीनीकरण का निर्देश देने का आग्रह किया है। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया और पासपोर्ट प्राधिकरण को अग्रवाल का पासपोर्ट नवीनीकृत करने का निर्देश दिया।

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