By अंकित सिंह | Apr 08, 2026
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के संबंध में तेलंगाना उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। एफआईआर में एकाधिक पासपोर्ट रखने से संबंधित आरोप हैं। यह शिकायत गुवाहाटी अपराध शाखा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जिनमें चुनाव के दौरान झूठे बयान, धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और जानबूझकर अपमान करना शामिल हैं।
खेड़ा ने कांग्रेस द्वारा जारी वीडियो में कहा कि आप देख रहे हैं कि असम के मुख्यमंत्री तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। मेरे फ्लैट पर कल 100 पुलिस वाले पहुंचे थे और मेरे इलेक्ट्रॉनिक गजट लेकर चले गए। उनका दावा है कि मैं जहां भी जाता हूं या इनको लगता है कि मैं गया हुआ हूं, वहां ये पुलिस भेज रहे हैं। क्यों? कांग्रेस ने सवाल ही तो उठाए हैं, आप कांग्रेस और मुझे चुप क्यों करना चाहते हैं? आप जवाब देने की बजाय सबको गाली दे रहे हैं और पीछे पुलिस छोड़ रहे हैं। खेड़ा ने कहा कि आपकी आदत डराने की हो सकती है, हमारी आदत डरने की नहीं हैं। कारण यह है कि मैं मेवाड़ का हूं, कांग्रेसी हूं, राहुल गांधी का सिपाही हूं। मैं नहीं डरूंगा नहीं, लेकिन मुझे सवाल पूछते रहना है, तो आपकी पुलिस को जरूर ‘अवाइड (बचना)’ कर रहा हूं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शर्मा की विवादित टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा, ‘‘जिनका (खरगे) राजनीतिक अनुभव आपकी उम्र से ज्यादा है आप उनके बारे में अपशब्द बोलते हैं...यह असम की संस्कृति नहीं है।’
खबरों के मुताबिक, असम पुलिस के अधिकारी जांच के सिलसिले में खेड़ा का पता लगाने के लिए हैदराबाद गए थे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा के पास तीन पासपोर्ट हैं। पवन खेड़ा कांग्रेस पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष हैं। वे कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य भी हैं। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 175, 35, 36, 318, 337, 338, 340, 352 और 356 के तहत चुनाव संबंधी झूठे बयान, धोखाधड़ी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों और सार्वजनिक अभिलेखों की जालसाजी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना और मानहानि जैसे अपराधों का उल्लेख किया गया है।