By अभिनय आकाश | May 20, 2022
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पेगासस विवाद पर विचार करने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त तकनीकी और पर्यवेक्षी समितियों द्वारा रिपोर्ट जमा करने का समय बढ़ाते हुए कहा कि ये चार सप्ताह में पूरी हो जानी चाहिए। इजराइली स्पाईवेयर को लेकर 29 ‘प्रभावित’ मोबाइल फोन की जांच की जा रही है और इस प्रक्रिया को चार हफ्ते में पूरा हो जाना चाहिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि रिपोर्ट तब पूर्व एससी न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर वी रवींद्रन को सौंपी जाएगी जो अभ्यास की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें अपनी टिप्पणी जोड़ने में 15 दिन और लग सकते हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का आग्रह किया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हालांकि इसका विरोध करते हुए कहा कि यह केवल एक अंतरिम रिपोर्ट है। कोर्ट ने ने अक्टूबर 2021 में इजरायली स्पाइवेयर के कथित उपयोग की जांच के आदेश दिए थे। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने दावा किया था कि पेगासस स्पाइवेयर के जरिये कथित निगरानी के संभावित लक्ष्यों की सूची में 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबर शामिल थे।