By दीपक कुमार त्यागी | Mar 12, 2022
देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम 10 मार्च को आ चुकें है, इन चुनाव परिणामों में भाजपा ने चार राज्यों में एकबार फिर ऐतिहासिक जीत हासिल करके अपना जलवा कायम रखा है। वैसे देखा जाए तो पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजनीति में रुचि रखने वाली देश की अधिकांश जनता कि निगाहें हर पल उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों पर ही लगी हुई थी। देश विदेश के अधिकांश राजनीतिक विश्लेषकों व कुछ लोगों का यह मानना था कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में कोरोना काल की ज्वलंत समस्याओं, रोजी-रोटी, लंबे समय तक चले किसानों के आंदोलन का बहुत ही व्यापक असर योगी सरकार के विरोध में देखने को अवश्य मिलेगा। लेकिन 10 मार्च को उत्तर प्रदेश में जब चुनाव परिणाम आए तो योगी ने प्रचंड बहुमत 255 सीटों के साथ चुनावों में विजय हासिल करके बहुत सारे राजनीतिक विश्लेषकों को आश्चर्यचकित करने का कार्य कर दिया है। हालांकि जो लोग धरातल पर जाकर पूरे चुनावी घमासान को नजदीक से देख रहे थे उनके सामने यह स्पष्ट था कि अबकी बार उत्तर प्रदेश में योगी एक बहुत बड़े ब्रांड के रूप में बनकर उभर रहे हैं, लोगों का एक बहुत बड़ा वर्ग उन्हीं के नाम से प्रभावित होकर जाति-धर्म व दलगत राजनीति के बैरियर तोड़कर भाजपा को वोट करने का कार्य कर रहा है, क्योंकि इस बार जन अदालत में बुलडोजर वाले बाबा के नाम से मशहूर हो चुके योगी आदित्यनाथ के प्रति जबरदस्त रूप से दिवानगी देखने को मिली है, योगी की बेहद ईमानदार मेहनती सख्त प्रशासक की छवि, अपराधियों के प्रति सख्त कार्यवाही करने की उनकी कार्यशैली ने मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को बेहद आकर्षित करने का कार्य किया है। जिससे चुनावी रणभूमि में भाजपा से नाराज़ होने वाले मतदाताओं की बड़ी भरपाई धरातल पर हुई है।
जनता ने पूर्व में प्रदेश में रही अन्य सरकारों के कार्यकाल की तुलना करके, उत्तर प्रदेश में अपराध मुक्त, चौबीस घंटे बिजली युक्त, विकास के पथ पर अग्रसर करने वाले योगी राज, सुशासन, राष्ट्रवाद और योगी की विशेष कार्यशैली को वोट देकर विजयी बनाया है। जनता ने उत्तर प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार, अपराध, जातिवाद, धार्मिक उन्माद, परिवारवाद, अवसरवाद और अलगाववाद को पराजित करने के महत्वपूर्ण काम को अंजाम देने के लिए पार्टी के नियम कायदे कानून से ऊपर उठकर एकबार फिर से मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ को भारी बहुमत देकर उनका चयन किया है, हालांकि यह तो आने वाला समय ही तय करेगा कि अपने दूसरे कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ जन आकांक्षाओं पर कितना खरा उतरेंगे, लेकिन प्रदेश के निवासियों को उनसे उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं ।।
- दीपक कुमार त्यागी
वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक