Garuda Purana: मृत्यु से पहले व्यक्ति को मिलने लगते हैं ये संकेत, गरुड़ पुराण से जानिए इसका महत्व

By अनन्या मिश्रा | Feb 15, 2025

हिंदू धर्म में 18 महापुराण हैं और इसमें गरुड़ पुराण भी शामिल है। गरुड़ पुराण में 19 हजार श्लोक हैं और 2 भाग हैं। यह पुराण जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस वजह से गरुड़ पुराण को महापुराण का दर्जा मिली है। धार्मिक मान्यता है कि इस पुराण का पाठ करने से मृतक को मोक्ष की प्राप्ति होती है और मृतक के परिवार के सदस्यों को आध्यात्मिक शांति मिलती है। बता दें कि गरुड़ पुराण में व्यक्ति की मृत्यु से पहले मिलने वाले कुछ संकेतों के बारे में भी बताया गया है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि गरुड़ पुराण के मुताबिक व्यक्ति को मृत्यु से पहले कौन-सी चीजें दिखाई देती हैं।

पितरों के दर्शन

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परछाई का न दिखाई देना

गरुण पुराण में बताया गया है कि व्यक्ति के अंतिम समय से पहले कुछ अशुभ संकेत दिखाई देते हैं। व्यक्ति की मृत्यु से पहले उसको तेल, घी, पानी और शीशे में अपनी परछाई दिखाई नहीं देती हैं। माना जाता है कि जब इस तरह के संकेत मिलते हैं, तो व्यक्ति का अंतिम समय नजदीक होता है।

रहस्यमयी दरवाजा

बताया जाता है कि जब जातक अपनी अंतिम सांसे ले रहा होता है, तो उसको एक रहस्यमयी दरवाजा दिखाई देता है। गरुड़ पुराण के मुताबिक उस रहस्यमयी दरवाजे से सफेद रोशनी की तेज किरणें दिखाई देती हैं। इस तरह का संकेत मिलने से मृत्यु के नजदीक आने के संकेत मिलते हैं।

यमदूत का दिखना

गरुड़ पुराण के मुताबिक मृत्यु से कुछ समय पहले व्यक्ति को यमदूत दिखाई देते हैं। माना जाता है कि यमदूत देखने से व्यक्ति की कुछ ही सांसें बचीं हैं।

कब किया जाता है गरुड़ पुराण का पाठ

बता दें कि किसी की मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है। माना जाता है कि मृत्यु के बाद पूरे 13 दिनों तक मृतक इंसान की आत्मा घर में रहती है। इसी कारण से गरुड़ पुराण का पाठ करने का विधान है। इससे मृतक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

गरुड़ पुराण पाठ के नियम

इसका पाठ करने के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है।

गरुड़ पुराण का पाठ विधिपूर्वक और सच्चे मन से करना चाहिए।

गरुड़ पुराण को कभी भी घर पर रखने की गलती नहीं करनी चाहिए। 

गरुड़ पुराण का पाठ करने के लिए हमेशा साफ कपड़े पहनने चाहिए।

इसका पाठ करने के दौरान किसी के बारे में गलत नहीं सोचना चाहिए।

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