By अभिनय आकाश | Mar 30, 2026
अमेरिका के 300 सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं। अमेरिका ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। यह जंग अब डोनाल्ड ट्रंप के लिए इज्जत का सवाल बन गई है। नाटो देशों ने अमेरिका का साथ देने से साफ मना कर दिया है। इसी कड़ी में डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में सैनिक भेजने के बाद मिडिल ईस्ट के ही एक ताकतवर नेता को सरेआम मंच से भद्दी गाली दे दी। लेकिन इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि उसी मिडिल ईस्ट के नेता ने पीएम मोदी को फोन मिलाकर बात की है। दरअसल डोनल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को को लेकर ऑपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। इस गाली का सभ्य भाषा में ट्रांसलेशन है कि मेरी चापलूसी करो। यानी ट्रंप ने मंच पर खड़े होकर मोहम्मद बिन सलमान को कहा है कि तुम मेरी चापलूसी करो।
शायद वही डील अब अटक गई है। देखिए, आप यह समझ लीजिए कि डॉनल्ड ट्रंप सीधे-सीधे एक बिजनेसमैन है। जहां से अपने हितों और पैसे की बात आती है, डोनाल्ड ट्रंप उसी दिशा में जाते हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि ट्रंप ने सऊदी अरब की बात मानने के बदले पैसा, इन्वेस्टमेंट, कूटनीतिक और रणनीतिक फायदे मांगे होंगे। अब शायद यह पूरे नहीं हो पाए हैं। इसीलिए डोनाल्ड ट्रंप अचानक सऊदी अरब पर भड़क गए हैं। सऊदी अरब भी विचित्र स्थिति में फंस गया है क्योंकि सऊदी अरब भी नहीं जानता था कि ईरान इतना जबरदस्त पलटवार कर देगा। पूरे मिडिल ईस्ट में गैस और तेल सप्लाई 70% ठप हो गई है। ऐसे में पैसे की किल्लत तो सऊदी अरब को भी है। सऊदी अरब को अब भविष्य की चिंता भी सता रही है। ऐसे में शायद सऊदी अरब ने पीछे हटने की कोशिश की।
ट्रंप ने मोहम्मद बिन सलमान को हड़का दिया। अब अमेरिका को लग रहा है कि सऊदी अरब अगर पीछे हट गया तो हम कहीं के नहीं रह पाएंगे। बहरहाल इस मुश्किल घड़ी में अब सऊदी अरब भारत से मदद चाहता है। वैसे तो सऊदी अरब की डील पाकिस्तान के साथ है। लेकिन पाकिस्तान सऊदी अरब के लिए सिर्फ एक दलाल देश है। अमेरिका से बचने के लिए सऊदी अरब को भारत की ही मदद चाहिए होगी। इसी कड़ी में मोहम्मद बिन सलमान ने पीएम मोदी से बात की है।