फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का साया! जानें Phalgun Amavasya की सही डेट और पितृ तर्पण का मुहूर्त

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 16, 2026

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। अमावस्या के दिन पितरों तर्पण और स्नान-दान के कार्य किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस तिथि पर पूर्वजों के लिए तर्पण और दान करती हैं, तो किसी तरह का पितृ दोष दूर हो जाता है। फाल्गुन अमावस्या फाल्गुन के महीने में आती है। यह तिथि बेहद ही पुण्यकारी मानी जाती है। इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। अगर जातक की कुंडली में पितृ दोष है तो पितरों का पिंडदान करना फाल्गुन अमावस्या पर शुभ माना गया है। खासतौर पर पूजा-पाठ का शुभ मुहूर्त होता है, वैसे ही पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए अमावस्या तिथि पर तर्पण का भी शुभ मुहूर्त होता है। आइए आपको बताते हैं इस साल फाल्गुन अमावस्या कब मनाई जाएगी और इसका क्या महत्व है। 


फाल्गुन अमावस्या 2026 कब है?


 - फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी, मंगलवार यानी कल मनाई जाएगी।


- अमावस्या तिथि का आरंभ 16 फरवरी, शाम 5.34 बजे से शुरु है।


- फाल्गुन अमावस्या तिथि का समापन-17 फरवरी, प्रातः 5:30 बजे समाप्त होगी।


- ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 5:35 बजे से 6:25 बजे तक


- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:37 बजे से 1:23 बजे तक


- ऐसे में उदया तिथि के अनुसार फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी को मनाना शुभ होगा। 

फाल्गुन अमावस्या 2026 स्नान और तर्पण का शुभ मुहूर्त


- हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या के दिन शुभ मुहूर्त में तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है। 


- इस दिन तर्पण के लिए सबसे शुभ मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त माना जाता है। 


- अभिजीत मुहूर्त - 17 फरवरी, दोपहर 12:37 से दोपहर 1:23 तक है। ये दोनों मुहूर्त स्नान-दान और तर्पण के लिए शुभ माने जाते हैं।


फाल्गुन अमावस्या का धार्मिक महत्व


धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या तिथि के दिन पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने वंशजों से मिलने आते हैं और उनका तर्पण को स्वीकार करते हैं। जिन जातकों को कुंडली में पितृ दोष है, वे लोग इस दिन पितरों की पूजा-पाठ करके पितृ दोष से मुक्त हो सकते है। अगर आपको अपने पूर्वज की मृत्यु की तिथि का पता न हो, तब अमावस्या तिथि पर तर्पण कर सकते हैं, समस्त पितृ दोषों से मुक्ति मिल जाएगी।


फाल्गुन अमावस्या और सूर्य ग्रहण का संयोग


इस बार फाल्गुन अमावस्या के दिन यानी 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। बता दें कि, यह  वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, इसकी शुरुआत दोपहर 3:26 बजे और समाप्ति शाम 7:57 बजे पर होगी। लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा। शास्त्रों में माना गया है कि ग्रहण काल में वातावरण में विशेष प्रकार की ऊर्जा सक्रिय होती है। इस समय दान, जप और साधना करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। 


माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान किया गया दान पापों का नाश करता है, नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है, ग्रह दोषों से शांति मिलती है। इसी के साथ व्यक्ति के जीवन में आर्थिक व आध्यात्मिक समृद्धि लेकर आता है। 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

65 देशों के मेहमान, भारत मेजबान, अब तक की सबसे बड़ी AI समिट से आम आदमी को क्या फायदा है? 10 सवालों के जवाब यहां जानें

T20 World Cup में Abhishek Sharma फ्लॉप, Ravi Shastri ने दिया वापसी का Success Mantra

Assam Politics में भूचाल: Bhupen Borah ने कांग्रेस छोड़ी, CM Himanta ने कसा तंज

IND vs PAK: Greatest Rivalry या एकतरफा मुकाबला? जानें ICC Events में कौन है असली Boss