By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 30, 2022
फिलीपीन के कुसियोंग गांव के निवासी रविवार को आए तूफान को सुनामी समझ बैठे, जिसके चलते वे पहाड़ की तरफ ऊंचे स्थान की ओर दौड़ पड़े और फिर वहीं जिंदा दफन हो गए। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांववालों को यह गलतफहमी इसलिए हुई, क्योंकि कुसियोंग इससे पहले विनाशकारी सुनामी का सामना कर चुका था। रविवार तड़के फिलीपीन के उत्तर-पश्चिमी तट से टकराए ‘नालगे’ नामक उष्णकटिबंधीय तूफान से सबसे अधिक प्रभावित हिस्सों में शामिल दक्षिणी प्रांत मैग्विनडानाओ के कुसियोंग गांव में दूर-दूर तक लगे कीचड़ के अंबार से बचावकर्ता अब तक कम से कम 18 शव निकाल चुके हैं।
सिनारिंबो ने कहा कि ग्रामीण हालांकि मिनंदर पर्वत से आए इस खतरे को भांप नहीं पाए। उन्होंने कुसियोंग में रहने वाले लोगों के हवाले से ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया, “जब लोगों ने चेतावनी घंटी की आवाज सुनी तो वे भागने लगे और एक ऊंचे स्थान पर स्थित गिरजाघर में जमा हो गए। लेकिन यह सुनामी नहीं थी, जो उन्हें डुबो देती। बल्कि यह पानी और कीचड़ का बड़ा सैलाब था, जो पहाड़ से उतरा था।” सिनारिंबो ने कहा कि इस एक गलतफहमी से दर्जनों गांववालों की जान चली गई। कुसियोंग गांव मोरो की खाड़ी और मिनंदर पर्वत के बीच में पड़ता है। अगस्त 1976 में मोरो खाड़ी और इसके आसपास 8.1 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी, जिसके चलते हजारों लोगों की मौत हो गई थी।