By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 08, 2021
यरुशलम। सुरक्षा शोधकर्ताओं ने सोमवार को खुलासा किया कि कुख्यात इजरायली ‘हैकर-फॉर-हायर’ (जानकारी चुराने के लिये किराये पर उपलब्ध) कंपनी एनएसओ ग्रुप के स्पाइवेयर छह फलस्तीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन में पाए गए थे, इनमें आधे ऐसे समूहों से जुड़े थे, जिनके इजरायल के रक्षा मंत्री ने विवादास्पद रूप से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का दावा किया था। यह फलस्तीनी कार्यकर्ताओं के सैन्य-ग्रेड पेगासस स्पाइवेयर द्वारा निशाने पर होने का पहला ज्ञात उदाहरण है।
फलस्तीनी समूहों का कहना है कि इसका मकसद उनके वित्तपोषण को रोकने और इजरायली सैन्य शासन के विरोध को दबाना है। ‘फ्रंटलाइन डिफेंडर्स’ ने कहा कि जिन फलस्तीनियों के फोन हैक किए गए हैं उनमें से तीन नागरिक समाज समूह के लिए काम करते हैं। अन्य ने नाम न जाहिर करने की मंशा जताई है। फोरेंसिक पड़ताल की स्वतंत्र रूप से एमनेस्टी इंटरनेशल और टोरंटो विश्वविद्याल के ‘सिटिज़न’ लेब के सुरक्षा शोधार्थियों ने एक रिपोर्ट में पुष्टि की है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब एनएसओ ग्रुप की स्पाइवेयर के दुरुपयोग के लिए निंदा की जा रही है और अपने डिजिटल उद्योग पर पर्याप्त नजर नहीं रखने की वजह से इजरायल की सरकार भी निशाने पर है। पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने एनएसओ ग्रुप और अन्य कंपनी कैनडिरू को काली सूची में डाल दिया था। फलस्तीनी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के आरोपों पर पूछे जाने पर एनएसओ ग्रुप ने एक बयान में कहा कि वह अपने ग्राहकों की पहचान, अनुबंध और राष्ट्रीय सुरक्षा के कारणों से उजागर नहीं करता है और उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि किन लोगों ने फोन हैक किए हैं और वह सिर्फ सरकारी एजेंसियों को ‘संगीन अपराध और आतंकवाद’ के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए सॉफ्टवेयर बेचता है। इजरायल के एक अधिकारी ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि छह समूहों को आतंकवादी संगठन पुख्ता सबूतों के आधार पर घोषित किया गया है और इसका संबंध एनएसओ सॉफ्टवेयर से होने का कोई भी दावा बेबुनियाद है।