By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 14, 2026
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शुक्रवार को केंद्र के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह विधेयक संविधान के संघीय सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और खनिज संसाधनों पर राज्यों के अधिकारों को कमजोर करता है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य सरकारों को खनन अधिकारों और खनिज संसाधनों वाली भूमि पर अतिरिक्त कर या उपकर लगाने से रोकना है। उन्होंने इसे राज्यों के हितों में ‘‘हस्तक्षेप’’ करार दिया।
उनके अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों के खनन को निजी क्षेत्र के लिए खोलना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर करना और कॉरपोरेट कंपनियों को भारी मुनाफा कमाने में मदद करना है। उन्होंने विधेयक का जोरदार विरोध करने का आह्वान किया।
विजयन ने केरल की यूडीएफ सरकार पर केंद्र की निजीकरण नीतियों का ‘‘समर्थन’’ करने का भी आरोप लगाया। विजयन ने कथित निजीकरण के एजेंडे को केरल के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम केरल मिनरल्स एंड मेटल्स लिमिटेड (केएमएमएल) को कमजोर करने की कोशिशों से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि केएमएमएल को निजी कंपनियों से अधिक कीमतों पर अपनी मासिक जरूरत से दोगुने से भी ज्यादा कच्चा माल खरीदने के लिए मजबूर करना संदिग्ध है।
विजयन ने कहा, ‘‘जो संस्थान खुद खनन कर सकता है और मुनाफे में चल सकता है, उसका गला घोंटा जा रहा है ताकि निजी एकाधिकार वाली कंपनियों को भारी लाभ कमाने का मौका मिल सके।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि केएमएमएल को धीरे-धीरे बंद करके उसकी जगह निजी कंपनियों को लाने की एक सोची-समझी चाल है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों का विरोध किया जाना चाहिए। हाल ही में, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा था कि राज्य सरकार संशोधन विधेयक का विरोध करेगी।