'Thappad' से 'Pink' तक, Women's Day पर देखिए ये 5 Bold फिल्में जो बदल देंगी आपकी सोच

By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 08, 2026

आज यानी 8 मार्च को पूरी दुनिया में 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026' मनाया जा रहा है। इस खास दिन पर महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए ध्यान दिया जाता है।  महिलाओं को संशक्त बनाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। बॉलीवुड में भी वीमेन पावर को मजबूत बनाने के लिए कई फिल्में बनाई गई हैं। कई फिल्मों के जरिए महिलाओं के उन मुद्दों को उठाया है, जिन पर लोग कम ही बात करना चाहचे हैं। आइए आपको बताते हैं महिला दिवस के मौके पर आपको कौन-सी फिल्में जरुर देखनी चाहिए। 

अभिनेत्री तापसी पन्नू इस फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। इस फिल्म में दिखाया गया है कि एक महिला कैसे अपने ही घर में घरेलू हिंसा का शिकार होती है। फिल्म में महिला अपनी मर्जी से घर में रहने और उसे संभालने को चुनती है। लेकिन उसके को लगता है कि यह मजबूर है। ऐसे में एक थप्पड़ महिला को अपनी स्थिति को सोचने पर मजबूर करता है।

लिपस्टिक अंडर माय बुर्का (2017)

इस फिल्म में चार अलग-अलग महिलाओं की जिंदगी को दर्शाया गया है। हर महिला की परिस्थिति और संघर्ष अलग है, लेकिन सभी किसी न किसी तरह से पीड़ा का सामना कर रही हैं। एक महिला उम्र के कारण अपनी इच्छाओं को दबाने पर मजबूर होती है। दूसरी को अपनी पसंद के मुताबिक काम करने की आजादी नहीं मिलती। तीसरी महिला को स्वतंत्र जीवन जीने से रोका जाता है, जबकि चौथी की शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध कर दी जाती है।

मॉम (2017)

इस फिल्म में यौन हिंसा, कानूनी प्रणाली की विफलता को दर्शाया है, जिसमें एक मां को बेटी को इंसाफ दिलाने काफी संघर्ष करना पड़ता है। श्रीदेवी इस फिल्म में मुख्य भूमिका है। इसके साथ ही सजल अली, अक्षय खन्ना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अहम किरदार निभाया है।

पिंक (2016)

तापसी पन्नू की सबसे बेहतरीन अभिनय इस फिल्म में देखा गया है। पिंक मूवी में जरुरी मुद्दे को उठाया गया है। इसमें यह बताने की कोशिश की गई है कि महिला की 'ना' को ना ही समझा जाए। यह मान लेना गलत है कि यदि कोई पुरुष किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता है, तो यह जरुरी नहीं है कि महिला की उसमें हां होगी। हर व्यक्ति की अपनी सहमति और इच्छा होती है। अगर कोई महिला स्पष्ट रूप से मना करती है, तो उसके फैसले और उसकी ‘ना’ का सम्मान करना बेहद जरूरी है।

दंगल (2016)

Dangal में Aamir Khan की शानदार अदाकारी के जरिए यह दिखाया गया है कि जब कोई लड़की खेल के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखती है, तो उसे समाज और परिस्थितियों से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही फिल्म यह संदेश भी देती है कि अगर लड़कियां हिम्मत और मेहनत से आगे बढ़ें, तो वे अपने सपनों को जरूर पूरा कर सकती हैं।

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