Pitru Paksha में वर्जित सब्जियों के इस्तेमाल से लग सकता है पितृ दोष, सात्विक रखें थाली

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 27, 2026

पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है और यह आश्विन मास की अमावस्या तक मनाई जाएगी। इन 16 दिनों में लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में पूर्वज सूक्ष्म रुप लेकर धरती पर जरुर आते हैं और अपने वंशजों द्वारा किए गए अन्न-जल को ग्रहण करते हैं।

क्यों जरूरी है श्राद्ध में सात्विकता का ध्यान रखना?

दरअसल, पितृपक्ष का मुख्य उद्देश्य पूर्वजों को तृप्त करना है। इसके लिए भोजन पूरी तरह से सात्विक, पवित्र और दोषमुक्त होना जरुरी है। किचन में जरा सी भी लापरवाही या वर्जित चीजों का इस्तेमाल श्राद्ध के पूर्ण फल को नष्ट कर सकता है। जब आप भोजन बनाएं, तो मन में पूर्ण श्रद्धा और पवित्रता का भाव रखें, जिससे पितर  प्रसन्न होकर घर में हमेशा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें।

श्राद्ध की थाली में कौन सी सब्जियां नहीं शामिल करनी चाहिए?

ज्योतिषी के अनुसार, जब आप पितरों के लिए भोजन बनाएं, तो तामसिक और जमीन के नीचे उगने वाली कुछ सब्जियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

- कंदमूल और जमीन के नीचे उगने वाली सब्जियां:  आलू, मूली, गाजर, शलजम, चुकंदर और अरबी को श्राद्ध की खाली में शामिल न करें।

- अन्य वर्जित सब्जियां: जैसे कि बैंगन, कटहल, पत्तागोभी और काले चने का इस्तेमाल न करें। इन सभी चीजों को अशुभ माना जाता है।

श्राद्ध में किन मसालों और अनाजों का न करें प्रयोग?

श्राद्ध पक्ष में मसूर की दाल, चने की दाल, कुलथी और राजमा नहीं पकाना चाहिए। इसके स्थान पर मूंग की दाल या उड़द की दाल का इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है, क्योंकि उड़द के बड़े पितरों को विशेष प्रिय माने जाते हैं।

पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए श्राद्ध के इन नियमों का पालन करना बहुत ही जरुरी है। इस दौरान आप पूरी शुद्धता और सागदी के साथ पितरों के लिए भोग तैयार करते हैं, तो वे प्रसन्न होकर आपके पूरे परिवार को आरोग्य, शांति और संपन्नता का आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं।

प्रमुख खबरें

बंगाल में SIR से 27 लाख नाम कटने पर Suvendu Adhikari ने Mamata Banerjee को ठहराया जिम्मेदार

Sambhal में भड़काऊ बयानबाजी पर चार नेताओं को नोटिस, कोर्ट में 3 अक्टूबर को पेशी

मेरी हत्या की कोशिश की जा रही, Beleghata हमले के बाद बोले TMC नेता Kunal Ghosh

REI Expo 2026 से जैव ऊर्जा क्षेत्र में ₹2,800 करोड़ से ज्यादा के निवेश की उम्मीद: IBA