By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 25, 2026
(राजेश राय) रॉटरडैम, 25 अक्टूबर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि कार्गो निकासी में तेजी लाने और जहाजों के फेरे के समय को कम करने के लिए भारतीय और रॉटरडैम बंदरगाह प्राधिकरण भारत में प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को बंदरगाह क्षमता में काफी सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, भारत में सीमा शुल्क प्राधिकरण और रॉटरडैम बंदरगाह प्राधिकरण यह पता लगा रहे हैं कि हम भारत में आधुनिक मानक लाने, कार्गो की तेज निकासी और जहाजों के फेरे के समय में तेजी लाने के लिए कैसे डिजिटलीकरण कर सकते हैं।
हमें उम्मीद है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सहारा देने के लिए, अगले दो दशकों में (2047 तक) बंदरगाह क्षमता दो बार दोगुनी हो जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करेगा। रॉटरडैम बंदरगाह यूरोप का सबसे बड़ा बंदरगाह है, जो भारतीय सामानों के लिए यूरोपीय बाजार के प्रवेश द्वार के रूप में और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है। मंत्री की रॉटरडैम बंदरगाह की यात्रा ने यूरोप के प्रवेश द्वार के रूप में नीदरलैंड के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया, विशेष रूप से भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में।
एम्स्टर्डम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, मंत्री ने पेशेवरों और शिक्षाविदों को भारतीय संस्थानों के साथ जुड़ने और स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन (मेंटरशिप) देने के लिए आमंत्रित किया। युवाओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के कुछ हिस्सों में युवा नकारात्मकता की ओर बहक रहे हैं। उन्होंने कहा, “दुख की बात है कि आप देख सकते हैं कि यूरोप के कई देशों में क्या हो रहा है... यही वजह है कि मैंने युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया... ऐसी समस्याएं कभी-कभी भारत में भी देखने को मिलती हैं...विचार यह है कि युवाओं को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होना होगा...आपकी पहली निष्ठा उस भूमि के प्रति होनी चाहिए जो आपको काम देती है और आपके परिवार का पेट पालती है।”