Plant Based Protein का बढ़ता Trend: क्या ये Complete Protein है? जानिए इसका पूरा सच

By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 10, 2026

आजकल प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर का चलन काफी बढ़ गया है। पिछले कुछ सालों में प्लांट बेस्ड प्रोटीन का सेवन तेजी हो रहा है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के अनुसार वेगन डाइट फॉलो करने वाले या फिर किसी अन्य कारणों से एनिमल प्रोटीन पाउडर का सेवन नहीं करने वाले लोग प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर का सेवन करते हैं। 

क्या है कम्प्लीट प्रोटीन?

दरअसल, Harvard Health Report के अनुसार बॉडी को फिट रखने के लिए और मसल्स को रिपेयर होने में प्रोटीन की खास भूमिका होती है। प्रोटीन अमीनो एसिड से मिलकर बनता है, इसमें 9 एसेंशियल एमिनो एसिड मौजूद होते हैं। शरीर इन एमिनो एसिड को खुद से बनाने में सक्षम नहीं होते हैं। इनको डेली की डाइट से प्राप्त करना भी जरुरी होता है। जिस प्रोटीन में ये सभी एसेंशियल एमिनो एसिड पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो, उसको कम्पलीट प्रोटीन माना जाता है।

इसके अलावा, कम्प्लीट प्रोटीन के लिए प्रतिदिन अपने आहार में अंडा, मीट, मछली और चिकन को शामिल किया जाता है। वहीं प्लांट  बेस्ड प्रोटीन सोर्स में तकरीबन एक या दो एसेंशियल एमिनो एसिड मौजूद नहीं हो सकते हैं। क्या प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर को कम्प्लीट प्रोटीन कहा जा सकता है।

प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर है 'कम्प्लीट प्रोटीन'

हार्वर्ड हेल्थ और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर कम्प्लीट प्रोटीन नहीं हो सकते हैं। लेकिन कुछ प्लांट सोर्स ऐसे भी होते हैं जिनमें जरुरी एसेंशियल एमिनो एसिड पाए जाते हैं। इनमें सोया प्रोटीन, क्विनोआ, चिया सीड्स के सेवन से कम्प्लीट एमिनो एसिड प्राप्त किया हो।

प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

बाजार में मिलने वाले ज्यादातर प्रोटीन पाउडर पर हाई प्रोटीन लिखा होता है। इसलिए सिर्फ हाई प्रोटीन देखकर प्रोडक्ट न खरीदें। हाई प्रोटीन पाउडर में एसेंशियल एमिनो एसिड मौजूद है या नहीं, इससे पता नहीं चलता है। इसलिए सबसे जरुरी है कि प्रोटीन पाउडर के बॉक्स पर लिखे इंग्रेडिएंट्स लेवल को ध्यान से पढ़ें। 

इसी तरह राइस प्रोटीन में लाइसिन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए लोगों को कम्प्लीट प्रोटीन देने के लिए कुछ ब्रांडस मटर और ब्राउन राइस प्रोटीन को मिलाकर प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर तैयार करते हैं। हालांकि, आप इंग्रेडिएंट्स के लेवल पर जरुर ध्यान दें कि इसमें एडेड शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव का कितना इस्तेमाल किया गया है। 

जानें प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर के फायदे और नुकसान?

प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर के फायदे

 - बॉडी को जरुरी प्रोटीन और अमीनो एसिड की पूर्ति हो सकती है।

 - प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर को आसानी से डाइजेस्ट किया जा सकता है।

 - प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर आसानी से डाइजेस्ट होता है।

 - इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है।

 - वेगन और लैक्टोज इन्टॉलरेंस वालों के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है।

प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर के नुकसान

 - प्रोटीन पाउडर में एडेड शुगर की मात्रा अधिक होती है।

 - IBS की समस्या से परेशान लोगों को गैस या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।

 - किसी-किसी प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर में एमिनो एसिड का लेवल कम होता है।

 - मार्केट में मिलने वाले सभी प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर कम्प्लीट प्रोटीन की पूर्ति नहीं करते हैं। 

इसलिए एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर को खरीदें। 

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