By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सिंह ने चुनावी शपथ-पत्र में एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई है और उनका निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और अधिवक्ता दीपक बेलपत्री की ओर से दायर इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
याचिका के अनुसार, वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के विरोध में दतिया में प्रदर्शन और चक्का जाम किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिनमें सिंह का नाम भी शामिल था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2026 में हुए उपचुनाव के दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे में सिंह ने इस आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी।
याचिका में मांग की गई है कि चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने के कारण कांग्रेस विधायक सिंह का निर्वाचन शून्य घोषित किया जाए। वहीं, घनश्याम सिंह ने दतिया में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जिस मामले को लेकर याचिका दायर की गई है, वह करीब 35 साल पुराना है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें अभी तक याचिका की पूरी जानकारी नहीं है और न ही पुलिस या न्यायालय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना मिली है।
सिंह ने इसे विरोधियों की साजिश करार देते हुए कहा कि वह ऐसी गतिविधियों से घबराने वाले नहीं हैं। दतिया में उपचुनाव के तहत 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसमें 71.44 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,700 से अधिक मतों से हराया था।
भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा था। दिल्ली की एक अदालत ने इसी साल अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गया।
हालांकि, उपचुनाव में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया। उनका मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी, आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव सहित 19 अन्य उम्मीदवारों से था। इस चुनाव में जीत हासिल कर घनश्याम सिंह विधायक बने।
भाजपा ने इस बार नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उनके समर्थकों ने जिले में विरोध प्रदर्शन किया था।