पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्र '3T' का क्या है मतलब? जानिए नीति आयोग की बैठक की अहम बातें

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 08, 2022

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के आधुनिकीकरण की पुरजोर वकालत करते हुए रविवार को कहा कि यह भारत को कृषि क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाने के अलावा वैश्विक अगुआ बनाने में भी मददगार होगा। प्रधानमंत्री ने नीति आयोग के शीर्ष निकाय संचालन परिषद की यहां आयोजित बैठक में आयात घटाने और निर्यात बढ़ाने के लिए राज्यों से 3टी (व्यापार, पर्यटन और प्रौद्योगिकी) को प्रोत्साहन देने का आग्रह भी किया। संचालन परिषद की सातवीं बैठक खत्म होने के बाद जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा, हमें लोगों को जहां भी संभव हो, स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। वोकल फॉर लोकल किसी एक राजनीतिक दल का एजेंडा न होकर एक साझा लक्ष्य है।

उन्होंने कहा, इस सामूहिक प्रक्रिया ने ही इस बैठक के एजेंडा का आधार तैयार किया था। मोदी ने कहा कि नीति आयोग की संचालन परिषद की यह बैठक राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की पहचान के लिए केंद्र एवं राज्यों के बीच चले लंबे विचार-विमर्श का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग राज्यों की चिंताओं एवं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे की राह तैयार करेगा। प्रधानमंत्री ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए मिलजुलकर प्रयास करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि अभी इस दिशा में व्यापक संभावना मौजूद है। उन्होंने कहा, हमारी आर्थिक स्थिति को मजबूती देने और पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए यह बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में उठे मुद्दे अगले 25 साल के लिए देश की प्राथमिकताओं को परिभाषित करेंगे। उन्होंने कहा, आज हमने जो बीज बोया, वह वर्ष 2047 में भारत को मिलने वाले फलों को तय करेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने विकसित एवं विकासशील देशों के समूह जी-20 का अगले साल भारत के अध्यक्ष बनने के मुद्दे पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने राज्यों से जी-20 के लिए अलग से टीम बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इस पहल से अधिकतम लाभ लेने में यह कारगर हो सकता है।

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संचालन परिषद की इस बैठक में 23 मुख्यमंत्री, तीन उप राज्यपाल और दो प्रशासकों के अलावा कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इसका बहिष्कार किया है जबकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोविड संक्रमण के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाये। यह कोविड-19 महामारी आने के बाद से संचालन परिषद की पहली परंपरागत बैठक रही। वर्ष 2021 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यह बैठक आयोजित की गई थी। संचालन परिषद की बैठक में चार अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। फसल विविधीकरण और दालों, तिलहन एवं अन्य कृषि जिंसो में स्वावलंबन हासिल करना, स्कूली शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करना, उच्च शिक्षा में एनईपी का क्रियान्वयन और शहरी शासन के मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक बड़ा अवसर और व्यापक जिम्मेदारी लेकर आ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए शिक्षण और पठन-पाठन की स्थिति बेहतर करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा कि महामारी के बाद भारत को नए सिरे से सशक्त करने के लिए केंद्र एवं राज्यों के साझा प्रयासों की जरूरत है।

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