संसद में झूठ बोल रहे हैं PM, नाकामी छिपाने के लिए ले रहे हैं नेहरू का नाम: कांग्रेस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 08, 2022

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में बार-बार ‘झूठ’ बोल रहे हैं तथा अपनी ‘नाकामी’ छिपाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम ले रहे हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि कांग्रेस के होने के कारण आज देश का संविधान है और कभी दो सांसदों वाली पार्टी रही भाजपा सत्ता तक पहुंच गई। सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘ माननीय मोदी जी, आज़ादी के 75वें साल में केवल झूठ-नफ़रत-अहंकार-प्रोपोगेंडा और पूंजीपतियों का अमृत-काल चल रहा है। युवाओं, किसानों, गृहणियों, ग़रीबों, छोटे दुकानदारों और व्यवसाइयों का तो “राहुकाल” चल रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस है इसीलिए- कभी दो सांसदों वाली पार्टी आज सत्ता में है, दमन यंत्रों के बीच भी जनता की आवाज़ है, झूठ और प्रोपोगेंडा के बीच भी बेखौफ सच है, जुमलों वाली निकम्मी सरकार की सनक के बीच जनसेवा का धर्म निभाने वाला समर्पित विपक्ष है, पूंजीपतियों की गुलामी नहीं,देश की परवाह है।’’ कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला ने दावा किया, ‘‘कांग्रेस है इसीलिए- बाबा साहब का संविधान है, स्वतंत्रता सेनानियों के सपने सच हैं, बापू के विचार और आदर्श जीवंत हैं, परमाणु शक्ति और तकनीकी क्रांति है, हमसे टकराने वाले पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए हैं, वैश्विक मंदी में भी भारत मजबूत रहा है,विपक्ष व असहमति की भी जगह रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और जान लें, मोदी सरकार न होती तो - महा-महंगाई का बोझ न होता, 100 रुपये पार पेट्रोल-डीज़ल न होता, 200 रुपये पार खाने का तेल न होता, रुपये 1,000 पार गैस सिलेंडर न होता, 205 प्रतिशत रेल किराया न बढ़ा होता, जूते-चप्पलों पर 18 प्रतिशत टैक्स न लगा होता, लोगों का बजट लूटना सरकार का धर्म न होता।’’ सुरजेवाला ने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार न होती तो - बेतहाशा बेरोज़गारी की मार न होती, बेरोज़गारी दर 8 प्रतिशत पार न होती, विनिर्माण में 2.70 करोड़ नौकरी न जाती, लॉकडाउन में 12.20 करोड़ की नौकरी न जाती, केंद्र सरकार में 30 लाख पद ख़ाली न होते, ‘डेमोग्रैफ़िक डिवीडेंड डेमोग्रैफ़िक डिज़ास्टर’ न बनता।’’ कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया, ‘‘नेहरू जी का निधन 60 साल पहले हो गया था। लेकिन प्रधानमंत्री आज उन्हें बार-बार याद कर रहे हैं ताकि अपनी नाकामी छिपा सकें। प्रधानमंत्री मोदी इतने कमजोर हैं कि उन्हें नाकामी छिपाने के लिए भी देश के पहले प्रधानमंत्री के नाम का सहारा लेना पड़ रहा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री संसद में बार-बार झूठ बोल रहे हैं।’’ 

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कुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने 27 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला था, लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों के चलते ये लोग फिर से गरीबी की गिरफ्त में चले गए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आज आप 20 हजार रुपये मासिक कमा रहे हैं कि आप देश के पांच प्रतिशत सबसे अमीर लोगों में गिने जाएंगे...इस सरकार ने देश की हालत यह हर दी है कि आज 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज पर निर्भर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।’’ कुमार ने दावा किया, ‘‘देश में इतनी गरीबी है कि 2021 में 11 करोड़ से अधिक लोगों मनरेगा के तहत काम के लिए आवेदन किया। मनरेगा के तहत आप किसी को काम नहीं देने से मना नहीं कर सकते, लेकिन प्रधानमंत्री ने यह कानून तोड़ा। सरकार ने बड़ी संख्या में लोगों को मनरेगा के तहत काम देने से मना किया।’’ उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी नाकामी छिपाने की बजाय बेरोजगारी और महंगाई जैसी चुनौतियों से निपटने पर ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मंगलवार को उसे आपातकाल, सिख विरोधी दंगों और कश्मीरी पंडितों के पलायन के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा परिवारवादी पार्टियों से है। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने अपनी सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया और कांग्रेस पर देश के विकास में रोड़े अटकाने का भी आरोप लगाया।

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