By अंकित सिंह | Jan 15, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (15 जनवरी) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के 1 लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत पहली किस्त जारी की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पीएम-जनमन के लाभार्थियों से बातचीत भी की। मोदी ने इस दौरान कहा कि इस समय देश में उत्सव का माहौल है। उत्तरायण, मकर संक्रांति, पोंगल, बिहू...त्योहारों की उमंग चारों तरफ छाई हुई हैं। इस उत्साह को आज के आयोजन ने और शानदार और जानदार बना दिया है।
मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन बाद 22 जनवरी को रामलला भी अपने भव्य और दिव्य मंदिर में हमें दर्शन देंगे। मेरा सौभाग्य है कि मुझे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में बुलाया गया है। जब आपने मुझे इतना बड़ा दायित्व दिया है तो मैंने भी 11 दिन व्रत अनुष्ठान का एक संकल्प किया हुआ है। उन्होंने कहा कि आज की राज-कथा बिना गरीब, बिना वंचित, बिना वनवासी भाई-बहनों के कल्याण के संभव ही नहीं है। इसी सोच के साथ हम लगातार काम कर रहे हैं। हमने 10 साल गरीबों को समर्पित किए। गरीबों को 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाकर के दिए हैं। जिनको कभी किसी ने पूछा नहीं, उनको मोदी आज पूछता भी है और पूजता भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं अति पिछड़े जनजातीय भाई-बहन तक पहुंचें, यही पीएम जनमन महाअभियान का उद्देश्य है। सरकार पूरी ताकत लगा रही है कि हमारे अति पिछड़े जनजातीय भाई-बहनों तक सरकार की हर योजना जल्द से जल्द पहुंचे। मेरा कोई अति पिछड़ा भाई-बहन अब सरकार की योजना के लाभ से छूटेगा नहीं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मोदी की गारंटी,
यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी। इसी कड़ी में आज आप सभी अति पिछड़े जनजातीय भाई-बहनों को पक्के मकान देने की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही चलती रहती थी और असली लाभार्थियों को पता ही नहीं चलता था। जिनको पता चल भी जाता था तो उनको कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अब पीएम जनमन महा अभियान में हमारी सरकार ने ऐसे सभी नियम बदल दिए हैं, जिससे आपको परेशानी होती हो।