'विभाजन के शिकार हिन्दू-सिख को हमने CAA लाकर नागरिकता देने का किया प्रयास', PM मोदी का बयान

By अंकित सिंह | Nov 07, 2022

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शाम पहले सिख गुरु नानक देव की 553वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लिया। यह समारोहृ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा के आवास पर था। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज सभी देशवासियों को गुरपुरब की, प्रकाश पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं। आज ही देश में देव दीपावली भी मनाई जा रही है, विशेषकर काशी में बहुत भव्य आयोजन हो रहा है, लाखों दियों से देवी-देवताओं का स्वागत किया जा रहा है। मैं देव दीपावली की भी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि 3 साल पहले गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व उत्सव देश और विदेश में मनाया था। इन विशेष अवसरों पर देश को अपने गुरूओं का आशीर्वाद और प्रेरणा मिली है वह नए भारत के निर्माण की उर्जा बढ़ा रही है। 

 

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प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें गुरु गोविंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व को मनाने का सौभाग्य मिला। हमें गुरु तेग बहादुर जी के 400वां प्रकाश पर्व मनाने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व का जो बोध सिख परंपरा का रहा है, जो महत्व रहा है आज देश भी उसी तन्मयता से कर्तव्य और सेवा परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे लगातार इन अलौकिक आयोजनों का हिस्सा बनने का, सेवा में सहभागी होने का अवसर मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें जीवन जीने का मार्ग दिखाया था। उन्होंने कहा था नाम जपो, कीरत करो, वंड छको। इस एक वाक्य में आध्यात्मिक चिंतन भी है भौतिक समृद्धि का सूत्र भी है और सामाजिक समरसता की प्रेरणा भी है। इस दौरान मोदी ने सीएए का भी जिक्र किया।

 

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मोदी ने कहा कि आजादी के इस अमृतकाल में देश, समता, समरसता, सामाजिक न्याय और एकता के लिए 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर चल रहा है। जो मार्गदर्शन देश को गुरुवाणी से मिला था, वो आज हमारे लिए परंपरा भी है, आस्था भी है और विकसित भारत का विजन भी है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले अफगानिस्तान में किस तरह हालात बिगड़े थे। वहां हिंदू-सिख परिवारों को वापस लाने के लिए हमने अभियान चलाया। गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूपों को भी हम सुरक्षित लेकर आए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहा है कि सिख परंपराओं को सशक्त करते रहें, सिख विरासत को सशक्त करते रहें। 26 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के महान बलिदान की स्मृति में 'वीर बाल दिवस' मनाने की शुरुआत भी देश ने की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाजन में हमारे पंजाब के लोगों ने, देश के लोगों ने जो बलिदान दिया, उसकी स्मृति में देश ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की शुरुआत की है। विभाजन के शिकार हिंदू-सिख परिवारों के लिए हमने CAA कानून बनाकर उन्हें नागरिकता देने का एक मार्ग बनाने का प्रयास किया है।

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