By अंकित सिंह | Jul 07, 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने नए संसद भवन में "पवित्र" सेनगोल, चोल-शैली के राजदंड को स्थापित करने के लिए तमिलनाडु के हिंदू पुजारियों के एक जुलूस का नेतृत्व किया। इसके अलावा काशी तमिल संगमम का भी मोदी के प्रायास से बेहतर तरीके के आयोजन किया गा। इसके बाद से नरेंद्र मोदी को लेकर एक बाद की चर्चा जोरों पर है। दावा किया जा रहा है कि मोदी दक्षिण भारत को साधने की कोशिश कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण 2024 का चुनाव है।
यदि मोदी कन्याकुमारी से चुनाव लड़ते हैं, तो काशी और कन्याकुमारी के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध सामने आएंगे। भाजपा की गहरी समझ रखने वाले एक अन्य सूत्र ने हाल ही में कहा था कि काशी और कन्याकुमारी से चुनाव लड़ना पीएम के कद के लिए उपयुक्त होगा। प्रधानमंत्री द्वारा कन्याकुमारी के बजाय कोयंबटूर को चुनाव मैदान में उतारने की अटकलें भी तेज हैं। कन्याकुमारी में बीजेपी ने आम तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके उम्मीदवार पोन राधाकृष्णन 2021 के लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस के विजयकुमार के खिलाफ कड़ी टक्कर में थे। बीजेपी को जहां 4,38,087 वोट मिले, वहीं कांग्रेस को 5,76,037 वोट मिले। जहां तक कोयंबटूर की बात है तो कोयंबटूर दक्षिण से भाजपा के विधायक वनथी श्रीनिवासन हैं।