Women Reservation Bill पर PM Modi की विपक्ष को सीधी चेतावनी- विरोध की लंबी कीमत चुकानी पड़ेगी

By अंकित सिंह | Apr 16, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में कहा कि हम सब भाग्यवान हैं कि ऐसे महत्वपूर्ण और देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राजनीतिक स्वरूप के साथ देश की दशा और दिशा तय करने वाला है। मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है; अतीत में जिन्होंने विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब, सिर्फ उत्तम प्रकार की रेल, कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर, रास्ते या कुछ आर्थिक प्रगति के आंकड़े... सिर्फ इतने से वि​कसित भारत की सीमित कल्पना वाले हम नहीं हैं। हम चाहते हैं कि विकसित भारत के नीति निर्धारण में सबका साथ—सबका विकास का मंत्र समाहित हो। देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या देश की नीति निर्धारण का ​हिस्सा बने, ये समय की मांग है। हम पहले ही देरी कर चुके हैं, कारण कुछ भी हो, जिम्मेदार कोई भी हो। इसे हमें स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है। 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि तब सबने सर्वसम्मति से इसे पारित किया तो यह विषय ही नहीं रहा।

मोदी ने कहा कि अगर हम सब साथ आ जाते हैं, तो इतिहास गवाह है, ये किसी एक के राजनीतिक पक्ष में नहीं जाएगा। ये देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा, देश की सामूहिक निर्णय शक्ति के पक्ष में जाएगा और हम सब उस यश के हकदार होंगे। न ट्रेजरी बैंक उसका हकदार होगा और न ही मोदी उसका हकदार होगा। इस​लिए जिन किसी को भी इससे राजनीति की बू आ रही है, वो पिछले 30 साल के खुद के परिणामों को देख लें। फायदा उनका भी इसी में है। जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाआगे। इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है।

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उन्होंने कहा कि आज से 25—30 साल पहले, जिन्होंने महिला आरक्षण का विरोध किया वो विरोध राजनीतिक सतह से नीचे नहीं गया था। आज ऐसा समझने की गलती मत करना। पिछले 25—30 साल में ग्रास रूट लेवल पर पंचायती चुनाव व्यवस्थाओं में जीत कर आईं बहनों में एक पॉलिटिकल कॉन्शियसनेस है। पहले वो शांत रहती थीं, समझती थीं लेकिन बोलती नहीं थीं। आज वो वोकल हैं। इसलिए आज जो भी पक्ष विपक्ष होगा, वो लाखों बहनें जो पंचायत में प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, लोगों के सुख-दुख को गहराई से देखा है, वो आंदोलित हैं। वो कहती हैं कि ​झाड़ू कचरा वाले काम में तो हमें जोड़ देते हो, अब हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़ों और निर्णय प्रक्रियाएं विधानसभा और लोकसभा में होती हैं। इसलिए राजनीतिक जीवन में जो लोग प्रगति चाहते हैं, उनको ये मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25—30 साल में ग्रास रूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं। वो सिर्फ यहां नहीं, वहां भी आपके फैसलों को प्रभावित करने वाली हैं। जो आज विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी।

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