12 घंटे में Modi ने उत्तर भारत की राजनीति पलट दी, Jind, Chandigarh, Jalandhar Visit के जरिये PM ने बिछा दी नई सियासी बिसात

By नीरज कुमार दुबे | Jul 17, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब का एकदिवसीय दौरा केवल 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहा। इस दौरे ने उत्तर भारत की राजनीति में भी कई स्पष्ट संकेत दिए। हरियाणा में विकास और बुनियादी ढांचे की नई तस्वीर पेश करने के बाद चंडीगढ़ में स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर तथा अंत में पंजाब में भाजपा की राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश ने यह संदेश दिया कि पार्टी अब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रही है।

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हरियाणा के बाद प्रधानमंत्री का पड़ाव चंडीगढ़ रहा, जहां उन्होंने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीजीआईएमईआर में आधुनिक मातृ एवं शिशु केंद्र, तंत्रिका विज्ञान केंद्र और 150 बिस्तरों वाले गहन चिकित्सा ब्लॉक की आधारशिला स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि केंद्र सरकार केवल राजनीतिक रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थागत विकास को भी अपनी प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। दिलचस्प यह भी रहा कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की मौजूदगी ने विकास परियोजनाओं को दलगत राजनीति से ऊपर रखने का प्रतीकात्मक संदेश भी दिया।

हालांकि पूरे दौरे का सबसे बड़ा राजनीतिक केंद्र पंजाब रहा। जालंधर में भाजपा की रैली और 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस राज्य में आंतरिक गुटबाजी और नेतृत्व संघर्ष से जूझ रही है। प्रदेश कांग्रेस के भीतर लगातार बढ़ते मतभेदों ने विपक्ष की राजनीतिक धार को कमजोर किया है, जबकि भाजपा इस खाली होती राजनीतिक जमीन पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में जुटी दिखाई दी।

हम आपको बता दें कि पंजाब में लंबे समय तक सीमित राजनीतिक प्रभाव रखने वाली भाजपा अब अपने बूते चुनाव लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने के साथ यह संदेश भी दिया कि भाजपा पंजाब को अब केवल सहयोगी दलों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहती। विकास परियोजनाओं, सिख समाज से जुड़ाव और संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने यह संकेत दिया कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से माहौल बनाने में जुट गई है।

कुल मिलाकर देखें तो हरियाणा में विकास का प्रदर्शन, चंडीगढ़ में संस्थागत निवेश और पंजाब में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन, इन तीनों पड़ावों ने प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को केवल सरकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं रहने दिया। यह दौरा उत्तर भारत की बदलती राजनीतिक बिसात पर भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का स्पष्ट संकेत बनकर उभरा, जिसमें विकास और राजनीति दोनों समानांतर रूप से आगे बढ़ते दिखाई दिए।

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