पेरिस में बोले मोदी, कई देशों की आबादी से ज्यादा जन-धन खाते खोल डाले

By अभिनय आकाश | Aug 23, 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UNESCO के मुख्यालय में पहुंच गए हैं, यहां उनका भव्य स्वागत हुआ है। उनके साथ UNESCO की डायरेक्टर जनरल ऑड्री ऑज्रे भी मौजदू हैं। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और फ़्रांस के बीच संबंध सैकड़ों साल पुराना है। हमारी दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं, बल्कि ‘लिबर्टी, इक्वलिटी और फ्रेटरनिटी’ के ठोस आदर्शों पर टिकी है। भारत और फ्रांस की मित्रता अटूट है। ये मित्रता से कहीं आगे है। ये वर्षों पुरानी है। ऐसा कोई वैश्विक मंच नहीं होगा जहां भारत और फ्रांस ने एक दूसरे का समर्थन न किया हो और साथ काम न किया हो। मोदी ने कहा कि जब भारत या फ्रांस को कोई उपलब्धि प्राप्त होती है तो हम एक दूसरे के लिए खुश होते हैं। भारत में फ्रांस की फुटबॉल टीम के समर्थकों की संख्या शायद जितनी फ्रांस में नही होगी, उससे ज्यादा भारत में होगी।

मैंने पहले कहा था कि भारत आशाओं और आकाक्षांओं के सफर पर निकलने वाला है। आज मैं आपसे नम्रता से कहना चाहता हूं कि हम न सिर्फ उस सफर पर निकल चुके हैं, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के प्रयासों से भारत तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने पिछले 5 वर्षों में कुछ ऐसे Goal रखे, जो पहले नामुमकिन माने जाते थे। लेकिन Team Spirit की भावना से हमने उन लक्ष्यों को प्राप्त करके दिखाया है। पूरी दुनिया में एक तय समय में सबसे ज्यादा बैंक अकाउंट अगर किसी देश में खुले हैं, तो वो भारत है।

पूरी दुनिया की अगर आज सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा की स्कीम किसी देश में चल रही है, तो उस देश का नाम भारत है। आज नए भारत में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, जनता के पैसे की लूट, आतंकवाद पर जिस तरह लगाम कसी जा रही है वैसा पहले कभी नहीं हुआ। नए भारत में थकने, रुकने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

पीएम मोदी ने संबोधन से पहले यहां पर एक स्मारक का उद्घाटन किया गया है। ये स्मारक एयर इंडिया के दो दुर्घटनाग्रस्त विमानों की याद में बनाया गया है, जिसका उद्घाटन अब प्रधानमंत्री के हाथों हुआ है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय के लोगों के बीच पहुंचे तो उनके स्वागत में लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। पीएम मोदी ने बीच में उठकर लोगों को शांति बनाए रखने को कहा और पहले राष्ट्रगान के लिए खड़े होने की अपील की।