By अनुराग गुप्ता | Nov 08, 2021
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग (एनएच-965) के पांच खंडों और श्री संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग (एनएच-965जी) के तीन खंडों को चार लेन का बनाने के कार्य की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि दो दिन पहले मुझे केदारनाथ में आदि शंकराचार्य जी की पुनर्निर्मित समाधि की सेवा का अवसर मिला और आज भगवान विट्ठल ने अपने नित्य निवास स्थान पंढरपुर में मुझे आप सबके बीच जोड़ दिया। इससे ज्यादा आनंद का ईश्वरीय कृपा के साक्षात्कार का सौभाग्य और क्या हो सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक ऐसा प्रयास है, जो हमें एक आत्मिक संतोष प्रदान करना है और जीवन की सार्थकता का आभाष कराता है। मैं भगवान विठ्ठल के सभी भक्तों को और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विकास अभियान के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं सभी संतों के चरणों में भी अपना नमन करता हूं।
उन्होंने कहा कि अतीत पर हमारे भारत पर कितने ही हमले हुए, सैकड़ों साल की गुलामी में ये देश जकड़ा गया, प्राकृतिक आपदाएं आईं, चुनौतियां-कठिनाई आई, लेकिन भगवान विठ्ठल में हमारी आस्था अनवरत चलती रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान विट्ठल का दरबार हर किसी के लिए समान रूप से खुला है। जब मैं सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास कहता हूं, तो उसके पीछे भी तो यही भावना है। यही भावना हमें देश के विकास के लिए प्रेरित करती है, सबको साथ लेकर, सबके विकास के लिए प्रेरित करती है।यहां सुने पूरा भाषण:-