Purvottar Lok: पूर्वोत्तर में मोदी की रैलियों और रोड शो से बन गया BJP के पक्ष में तगड़ा माहौल

By Neeraj Kumar Dubey | Feb 24, 2023

नमस्कार, प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम पूर्वोत्तर लोक में आप सभी का स्वागत है। मेघालय और नगालैंड में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अपने अंतिम चरण में है। शुक्रवार को जब प्रधानमंत्री नगालैंड और मेघालय पहुँचे तो भाजपा के प्रचार में और जान आ गयी। प्रधानमंत्री ने शिलांग में लंबा रोड शो भी किया और कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह कहते हैं कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी लेकिन जनता कहती है कि मोदी तेरा कमल खिलेगा। इसके अलावा असम की पुलिस इस सप्ताह खास चर्चा में रही क्योंकि प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी को लेकर असम में जो मामला दर्ज हुआ है उसके चलते पुलिस कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार करने गयी थी जिसको लेकर बड़ा राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हुआ। इसके अलावा पूर्वोत्तर के तीन राज्यों को इस सप्ताह नये राज्यपाल मिले तो मणिपुर में नये वित्त वर्ष का बजट आया। त्रिपुरा में मतदान पूर्ण हो चुका है और सभी को अब मतगणना के दिन यानि 2 मार्च का इंतजार है। बहरहाल, आज के कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री के चुनावी दौरों से करते हुए आपको पहले बताते हैं कि उन्होंने कैसे विपक्ष को आड़े हाथ लिया है। सबसे पहले बात करते हैं मेघालय की।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और मेघालय इसमें मजबूत योगदान दे रहा है। शिलांग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में भाजपा का चुनाव चिह्न ‘कमल’ खिलेगा क्योंकि उसके नेतृत्व वाली सरकार ने हमेशा लोगों की भलाई को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, ‘‘सड़क, रेल और हवाई संपर्क की कमी ने अतीत में मेघालय में विकास को बाधित किया था। हालांकि, पिछले नौ वर्षों के दौरान, केंद्र की भाजपा सरकार ने राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव किए हैं।’’ यहां बाइट लग जायेगी।


इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी बाहर से आने वाले लोगों को इस पूर्वोत्तर राज्य के निवासियों पर संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) नहीं थोपने देगी। उन्होंने कोनराड संगमा सरकार पर राज्य में ‘‘विकास कार्य नहीं करने’’ और ‘‘घोटाले’’ में शामिल होने का भी आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने मेघालय में एक चुनावी रैली में कहा, ‘‘बाहरी लोग राष्ट्रीय नागरिक पंजी, संशोधित नागरिकता कानून, गोलियों और स्कैंडल के माध्यम से आपको दबाकर यहां शासन करना चाहते हैं। इसे बर्दाश्त नहीं करें। बाहर से आने वाले लोगों को अपने ऊपर सीएए, एनआरसी लागू न करने दें।’’


इसके अलावा, मेघालय में सर्वाधिक अमीर उम्मीदवार की बात करें तो आपको बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह चुनाव लड़ने वाले सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। उनकी संपत्ति पिछले पांच साल में 68 प्रतिशत बढ़कर 146.31 करोड़ रुपये हो गई है। ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ और ‘मेघालय इलेक्शन वॉच’ की एक रिपोर्ट के अनुसार मेघालय में 27 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में एक बार फिर मेरांग सीट से मैदान में उतरे यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के प्रमुख मेटबाह लिंगदोह ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव में अपनी संपत्ति 87.26 करोड़ रुपये घोषित की थी।


रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच साल में 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा के लिए 68 सदस्य चुने गए। 2018 के चुनावों में 60 उम्मीदवार जीते थे जबकि उसके बाद हुए उपचुनावों में आठ उम्मीदवारों को जीत मिली थी। एडीआर और ‘मेघालय इलेक्शन वॉच’ ने उन 61 उम्मीदवारों की संपत्ति का विश्लेषण किया गया, जो इस चुनाव में भी किस्मत आजमा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार फिर चुनाव लड़ रहे इन 61 विधायकों की संपत्ति में औसत 77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा की संपत्ति में 164 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 2018 में उनकी संपत्ति 5.33 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 14.06 करोड़ रुपये हो गई।


रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी मामलों के मंत्री स्निआवभलंग धर की संपत्ति में पिछले पांच वर्ष में सबसे अधिक 607 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) उम्मीदवार के रूप में नर्तियांग सीट से एक बार फिर चुनाव लड़ रहे धर ने 2018 में 6 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी, जो बढ़कर 45 करोड़ रुपये हो गई। दादेंग्रे निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे बिजली मंत्री जेम्स पीके संगमा की संपत्ति 2018 में 7 करोड़ रुपये थी, जो 568 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 53 करोड़ रुपये हो गई। नेता प्रतिपक्ष मुकुल संगमा और उनकी पत्नी डीडी शिरा की संपत्ति 2018 में 13.59 करोड़ रुपये थी, जो 108 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 28.21 करोड़ रुपये हो गई। एडीआर और ‘मेघालय इलेक्शन वॉच’ ने जिन 61 उम्मीदवारों की संपत्ति का विश्लेषण किया गया, उनमें एनपीपी के 28, यूडीपी के 12, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 10, भाजपा के सात और कांग्रेस व वीपीपी का एक विधायक शामिल है।


नगालैंड


दूसरी ओर, नगालैंड से आई खबरों की बात करें तो आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दावा किया है कि कांग्रेस पूर्वोत्तर को एटीएम की तरह इस्तेमाल करती थी जबकि भाजपा क्षेत्र के आठ राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी’ मानती है और यहां शांति एवं विकास के लिए काम कर रही है। गौरतलब है कि देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूपों को अष्टलक्ष्मी कहा जाता है। दीमापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नगालैंड में स्थायी शांति लाने का प्रयास कर रहा है ताकि राज्य से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 को पूरी तरह से हटाया जा सके। यहां बाइट लग जायेगी।

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उन्होंने कहा, ‘‘देश अपने ही लोगों पर अविश्वास करके नहीं, बल्कि अपने लोगों का सम्मान करके और उनकी समस्याओं का समाधान करके चलता है। पहले पूर्वोत्तर में विभाजन की राजनीति थी, अब हमने इसे दिव्य शासन में बदल दिया है। भाजपा धर्म और क्षेत्र के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव नहीं करती है।’’ कांग्रेस शासन के दौरान नगालैंड में राजनीतिक अस्थिरता का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने पूर्वोत्तर को दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित किया और दिल्ली से दीमापुर तक ‘‘वंशवाद की राजनीति’’ को प्राथमिकता देते हुए इसके विकास के लिए आवंटित धन की हेराफेरी की। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों की नीति ‘वोट हासिल करो और भूल जाओ’ की रही है। दिल्ली के कांग्रेस नेताओं ने नगालैंड की समस्याओं पर आंखें मूंद लीं। दस साल पहले किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि क्षेत्र में परिस्थितियां बदल सकती हैं।’’ प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा नीत राजग ने नगालैंड को चलाने के लिए तीन मंत्र अपनाए हैं- शांति, प्रगति और समृद्धि।


उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके भ्रष्टाचार की जड़ों पर करारा प्रहार किया है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली से भेजा गया पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाएं, जनजातीय और गरीब रहे हैं। भाजपा ने ही पहली बार नगालैंड की एक महिला को राज्यसभा भेजा।’’ नगालैंड में हिंसा की घटनाओं में 75 प्रतिशत की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई युवा मुख्यधारा में लौट आए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूर्वोत्तर के ढांचागत विकास के लिए काम किया है। यह बदलाव स्पष्ट है। हम पर्यटन से लेकर प्रौद्योगिकी और खेल से लेकर स्टार्ट-अप तक के क्षेत्रों में युवाओं का सहयोग करेंगे।’’


उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने कहा है कि नगा शांति समझौते के समाधान का लंबे समय से इंतजार है और उनका दल इसका हल चाहता है। थरूर ने कांग्रेस भवन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि नगालैंड को राज्य का दर्जा मिलने के 60 साल बाद भी यहां पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क संबंधी बुनियादी सुविधाओं की कमी है तथा कांग्रेस इस पूर्वोत्तर राज्य में विकास और प्रगति की उम्मीद है।


दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि 2024 में उनकी पार्टी सहयोगी दलों के साथ मिलकर ‘सामूहिक रूप से’ सरकार बनाएगी। खरगे ने नगालैंड में एक चुनावी सभा में कहा कि 2024 में केंद्र में कांग्रेस नीत गठबंधन सरकार बनेगी। खरगे ने विपक्षी एकजुटता की पैरवी करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस और हमारी दोस्त पार्टियां 2024 में मिलकर जरूर सरकार बनाएंगी। सबके सहयोग के साथ सरकार बनाएंगे, सामूहिक रूप से सरकार बनाएंगे।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी बार-बार छाती ठोकते हैं...लोकतंत्र में जनता घमंडी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करती।’’


इसके अलावा नगालैंड विधानसभा चुनाव में खास उम्मीदवारों की बात करें तो आपको बता दें कि तिजित विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला है जिसमें राजपरिवार के एक सदस्य, एक मंत्री और एक इंजीनियर मैदान में हैं। तिजित विधानसभा क्षेत्र के ओटिंग गांव में ही करीब डेढ़ साल पहले सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 14 नागरिकों की मौत हो गयी थी। ओटिंग के ‘अंग’ (राजा) तहवांग नगा पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ भाजपा के मौजूदा विधायक पी पाइवांग कोन्याक हैं जो निवर्तमान सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रहे कांग्रेस के टी थॉमस कोन्याक तीसरे उम्मीदवार हैं।


मिजोरम


मिजोरम से आई खबरों की बात करें तो खबर है कि म्यांमा और बांग्लादेश के 31,500 से अधिक शरणार्थियों ने मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में शरण ली है। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया है कि 27 जनवरी तक पूर्वोत्तर राज्य में शरण लेने वाले म्यांमा के नागरिकों की संख्या 31,050 थी और बांग्लादेश के शरणार्थियों की संख्या 541 थी। उन्होंने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक लॉन्गतलई जिले में आठ गांवों में बनाए 160 अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि म्यांमा में फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद पड़ोसी देश के नागरिक भागकर मिजोरम आ गए जबकि बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी क्षेत्र (सीएचटी) के शरणार्थी जातीय उग्रवादी समूह के खिलाफ सेना के आक्रामक अभियान के बाद यहां आए। हम आपको बता दें कि मिजोरम की म्यांमा के साथ 510 किलोमीटर और बांग्लादेश से 318 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है।


मणिपुर


मणिपुर से आई खबरों की बात करें तो आपको बता दें कि अनुसुइया उइके ने बुधवार को मणिपुर के 18वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। मणिपुर उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम.वी. मुरलीधरन ने राजभवन में एक कार्यक्रम में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मध्य प्रदेश की रहने वाली उइके ने एल. गणेशन की जगह ली है, जिन्होंने नगालैंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। इससे पहले अनुसुइया उइके छत्तीसगढ़ की राज्यपाल रह चुकी हैं।


इसके अलावा, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस सप्ताह 2023-24 का बजट पेश किया। इसमें 35,022 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव किया गया है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कृषि पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे एन बीरेन सिंह ने कहा, ‘‘मैं 2023-24 के लिये राज्य की संचित निधि से 35,022 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव करता हूं। कुल राजस्व व्यय 20,292 करोड़ रुपये जबकि पूंजीगत व्यय 10,013 करोड़ रुपये अनुमानित है।’’


अरुणाचल प्रदेश


अरूणाचल प्रदेश से आई खबरों की बात करें तो राज्य के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनायक (सेवानिवृत्त) ने प्रदेश विधानसभा के सदस्यों से कहा है कि वह सरकार और जनता के बीच कड़ी के तौर पर काम करें। विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए, राज्यपाल ने कहा कि संसद और विधायिका ऐसी आधारशिलाएं हैं जिन पर लोकतांत्रिक राजनीति की इमारत टिकी हुई है।


इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में स्थित अरुणाचल प्रदेश में बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की जरूरत पर जोर दिया है। गौरतलब है कि इस राज्य की सीमाएं तीन देशों से लगी हुई हैं। पूर्वोत्तर राज्य के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वह इस बात का उल्लेख करके खुश हैं कि अरुणाचल प्रदेश में कई महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।


असम


असम से आई खबरों की बात करें तो आपको बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से ‘अशोभनीय भाषा’ का इस्तेमाल करने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य पुलिस उसके तार्किक अंजाम तक लेकर जाएगी। गृह विभाग का भी प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने हालांकि यह नहीं बताया कि मामले को तार्किक अंजाम तक ले जाने के लिए असम पुलिस का अगला कदम क्या होगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर असम के दिमा हसाओ जिले के हाफलोंग थाने में खेड़ा के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। उच्चतम न्यायालय के आदेश के पैरा सात का उल्लेख करते हुए हिमंत विश्व शर्मा ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘‘कानून की महिमा बनी रहनी चाहिए। आरोपी ने बिना शर्त माफी मांग ली है (पैरा 7)।’’


शर्मा ने अपने ट्वीट में उच्चतम न्यायालय के आदेश के जिस सातवें पैराग्राफ का उल्लेख किया है, उसमें कहा गया है, ‘‘... याचिकाकर्ता (खेड़ा) उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने का अनुरोध नहीं करेगा, क्योंकि उसे उचित उच्च न्यायालय के समक्ष कानूनी तौर पर उपलब्ध सभी उपचारों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।’’ गौरतलब है कि खेड़ा को नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली-रायपुर की उड़ान से बृहस्पतिवार को उतार कर असम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। वह कांग्रेस के महाधिवेशन में भाग लेने रायपुर जा रहे थे। खेड़ा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं... 153 बी (आरोप लगाना, राष्ट्र हित के लिए हानिकारक दावे करना), 500 (मानहानि के लिए सजा) और 504 (शांति भंग करने के लक्ष्य से जानबूझकर किसी को भड़काना) में मामला दर्ज किया गया है। खेड़ा के खिलाफ ऐसे ही आरोपों में लखनऊ और वाराणसी में भी मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद बृहस्पतिवार को छोड़ दिया गया था।


इसके अलावा, असम के सोनितपुर जिले में शुक्रवार को एक वाहन के सड़क किनारे पेड़ से टकराकर पलट जाने से पांच लोगों की मौत हो गयी। हादसा उस वक्त हुआ जब कार में सवार पांच लोग बालीपारा से तेजपुर जा रहे थे। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि 25-30 साल की उम्र के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान आकाशदीप बोरा, विद्युत नाथ, भाईकोन पतंगिया, द्विपेन बोरा और बिस्वजीत सैकिया के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए कनकलता सिविल अस्पताल भेजा गया है।


इसके अलावा, गुलाब चंद कटारिया ने इस सप्ताह बुधवार को असम के 31वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में हुए समारोह में कटारिया को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे कटारिया ने जगदीश मुखी का स्थान लिया है, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद रविवार को पद छोड़ दिया। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उनके कैबिनेट सहयोगियों, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने शिरकत की। कटारिया मंगलवार को अपनी पत्नी अनीता के साथ गुवाहाटी पहुंचे थे। राज्य के मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों और राजभवन के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कटारिया (79) राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार में गृह मंत्री रहे थे। असम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति से पहले वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे।


इसके अलावा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि राज्य में अब तक नशीली दवाओं की “सबसे बड़ी” बरामदगी में कार्बी आंगलोंग जिले में चार किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की गई और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा ने ट्वीट किया, “अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में, कार्बी आंगलोंग पुलिस ने पड़ोसी राज्य से आ रहे एक ट्रक को खटखती में रोका और असम पुलिस श्वान दस्ते तथा सी-20 सीआरपीएफ की मदद से 4.109 किलोग्राम हेरोइन जब्त की।” उन्होंने कहा, “दो आरोपी पकड़े गए हैं।”

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