By अंकित सिंह | Oct 18, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आतंकवाद फिलहाल पूरे विश्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व से इसके खिलाफ एकजुट होने की भी अपील की। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं होना चाहिए। मोदी ने कहा कि साइबर सुरक्षा फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती है। पीएम मोदी ने भारत की विविधता को सबसे बड़ी शक्ति बताया। मोदी ने कहा कि भारत आजादी के 75 वर्ष मना रहा है और ये हमारे लोगों, संस्कृति और उपलब्धि का उत्सव है। ये समय हमें पीछे देखने का है कि हम कहां से आए और आगे देखने का है कि हम कहां तक जाएंगे।
मोदी ने कहा कि दुनिया भर में पुलिस बल न केवल लोगों की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक कल्याण को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विविधता और लोकतंत्र को कायम रखने में भारत दुनिया के लिए एक केस स्टडी है... पिछले 99 वर्षों में इंटरपोल ने 195 देशों में विश्व स्तर पर पुलिस संगठनों को जोड़ा है। यह कानूनी ढांचे में अंतर के बावजूद है। उन्होंने कहा कि कानून-प्रवर्तन के दर्शन को प्राचीन भारतीय दार्शनिक चाणक्य ने सबसे अच्छी तरह समझाया है। प्रदानमंत्री ने कहा कि जब खतरे वैश्विक हों, तो प्रतिक्रिया केवल स्थानीय नहीं हो सकती। आतंकवादियों, ड्रग कार्टेल, अवैध शिकार करने वाले गिरोहों या संगठित अपराधों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं हो सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एक सुरक्षित दुनिया हमारी साझा जिम्मेदारी है। जब अच्छी ताकतें सहयोग करती हैं, तो अपराध की ताकतें काम नहीं कर सकती हैं।