By अभिनय आकाश | Jun 28, 2023
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की वकालत करने के बाद भारत की शीर्ष मुस्लिम संस्था, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कल रात एक आपातकालीन बैठक की। बैठक में सदस्यों ने यूसीसी का विरोध करने का निर्णय लिया और इसके कानूनी पहलुओं पर चर्चा की। बोर्ड के सदस्यों ने निर्णय लिया कि मुस्लिम लॉ बोर्ड यूसीसी पर विधि आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगा और दस्तावेज भी पेश करेगा।
कांग्रेस की सहयोगी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने पीएम मोदी की समान नागरिक संहिता की वकालत पर सवाल उठाया और कहा कि एक समान संहिता सबसे पहले हिंदुओं पर लागू होनी चाहिए। मध्य प्रदेश में 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि लोगों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के नाम पर भड़काया जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि देश व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले दोहरे कानूनों के साथ कैसे काम कर सकता है, और विपक्ष पर यूसीसी मुद्दे का उपयोग मुस्लिम समुदाय को "गुमराह करने और भड़काने" के लिए करने का आरोप लगाया।