By अनुराग गुप्ता | May 11, 2022
नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विज्ञान भवन में 'मोदी 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के 20 साल का अनुभव जब तक इससे पहले के 30 साल का अध्ययन नहीं करते वो अधूरा रह जाएगा। मोदी जी के पांच दशक का सार्वजनिक जीवन, गरीबी के आंगन से उठकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर, एक छोटे कार्यकर्ता से लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों में सबसे लोकप्रिय नेतृत्व बनने का सफर इस पुस्तक में निहित है।
उन्होंने कहा कि मोदी जी की योजनाओं का अनेक प्रकार से विश्लेषण हो सकता है, लेकिन मोदी जी ने योजनाओं को लोक कल्याण के लिए बनाया। गुजरात के कृषि महोत्सव के मॉडल का जो अध्ययन करेगा, उसको मालूम पड़ेगा कि परिवर्तन किस प्रकार से आता है। इसी बीच उन्होंने कहा कि प्रमाणिकता और पारदर्शिता को लेकर मोदी जी के विरोधी भी उन पर कोई आरोप नहीं लगा सकते हैं। नीतियों के निर्धारण के लिए वो कभी जल्दबाजी नहीं करते हैं लेकिन उनको लागू करने में उनकी जो दृढ़ता है, वो अच्छे-अच्छे को अचंभित कर सकता है। इतने विरोध के बावजूद भी कैसे कोई आदमी डटकर रह सकता है, जब 6 महीने बाद वोट लेने जाना है।
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी सरकार लोगों को अच्छा लगे ऐसे फैसले नहीं लेती है बल्कि लोगों के लिए जो अच्छा हो, ऐसे फैसले लेती है। वोट के लिए राजनीति नहीं करना है। व्यापकता बहुत है, हर सोच के अंदर व्यापक दृष्टिकोण का अनुभव करते हो। दलित, पिछड़े, आदिवासियों के लिए अथाह प्रेम, अथाह संवेदनशीलता और उनके कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहना उनकी सोच की विशेषता है।