PM Narendra Modi बोले, दूसरों के नुकसान पर नहीं बल्कि सबकी समृद्धि के साथ बढ़ रहा भारत

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 13, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बुनियाद और लगातार हो रहे सुधारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत दूसरे देशों को नुकसान पहुंचा कर नहीं, बल्कि सबकी समृद्धि के साथ अपनी वैश्विक आर्थिक भूमिका बढ़ाना चाहता है। मोदी ने कहा, ‘‘हम किसी की कीमत पर विकास नहीं करते।

यह वृद्धि मजबूत बुनियाद पर हो रही है।’’ मोदी ने देश की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का चालू खाते का घाटा 12-13 साल पहले चार प्रतिशत से अधिक था, जो अब घटकर करीब आधा प्रतिशत रह गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी देश की आर्थिक और प्रौद्योगिकी ताकत का आकलन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि उसके पास कितनी शक्ति है, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि वह दूसरों के लिए अवसर पैदा करने में अपनी ताकत का कितना प्रभावी इस्तेमाल करता है। उन्होंने कहा, ‘‘असल सवाल यह नहीं है कि किसके पास ताकत है।

असली सवाल यह है कि इस ताकत का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है?’’ प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, बढ़ते स्टार्टअप परिवेश और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि घरेलू क्षमताएं समावेशी विकास में मदद कर सकती हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत डिजिटल पहचान, भुगतान और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपना अनुभव साझेदार देशों के साथ साझा कर रहा है, खासकर वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ। मोदी ने कहा, ‘‘हमारे लिए सुधार मजबूरी नहीं बल्कि हमारा संकल्प है।’’ उन्होंने आगाह किया कि आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, भुगतान प्रणाली और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल तेजी से भू-राजनीतिक दबाव बनाने के साधनों के रूप में किया जा रहा है।

ऐसे में भरोसेमंद साझेदारों और मजबूत आर्थिक प्रणालियों का महत्व बढ़ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी दबाव बनाने और अपनी बात मनवाने के साधन बनते जा रहे हैं।’’ मोदी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब भारत निवेश आकर्षित करने, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका बढ़ाने और उभरते बाजारों के साथ आर्थिक साझेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वृद्धि को केवल घरेलू आर्थिक उपलब्धि के रूप में ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लिए प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और समाधान उपलब्ध कराने के संभावित स्रोत के रूप में भी पेश किया।

मोदी ने कहा कि भारत डिजिटल भुगतान, डिजिटल पहचान और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा करके अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है। इसमें ‘ग्लोबल साउथ’ के देश विशेष रूप से शामिल हैं। आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, भुगतान और प्रौद्योगिकी के भू-राजनीतिक दबाव के साधन बनते जाने को लेकर आगाह करते हुए मोदी ने जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृत्रिम मेधा (एआई) और आर्थिक सुरक्षा के मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।

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