By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 27, 2026
(फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लिकटेंस्टाइन के युवराज एलोइस ने मंगलवार को व्यापार और प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा की। छोटे यूरोपीय देश लिकटेंस्टाइन के कार्यवाहक प्रमुख एलोइस रविवार से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। उनके साथ उनकी पत्नी राजकुमारी सोफी और उद्योग जगत के कई प्रमुख नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
लिकटेंस्टाइन ईएफटीए का एक महत्वपूर्ण सदस्य है।” लिकटेंस्टाइन के युवराज की भारत यात्रा, नयी दिल्ली और ईएफटीए देशों के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) लागू होने के एक साल से अधिक समय बाद हो रही है। भारत और ईएफटीए के बीच करीब 16 साल की बातचीत के बाद मार्च 2024 में टीईपीए पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता पिछले साल अक्टूबर में लागू हुआ था।
इस बड़े व्यापार समझौते के तहत ईएफटीए के सदस्य देश आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने पर विचार कर रहे हैं। जॉर्ज ने कहा कि युवराज एलोइस की इस “ऐतिहासिक यात्रा” से भारत और लिकटेंस्टाइन के संबंधों में “एक नयी शुरुआत” हुई है। इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक संपर्क बढ़ेगा, संस्थागत संबंध मजबूत होंगे और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
उन्होंने कहा, “अब ध्यान (नयी पहलों को) लागू करने पर है। यात्रा के दौरान बनी सहमति को ठोस परियोजनाओं, साझेदारियों और परिणामों में बदलने पर जोर दिया जा रहा है।” इससे पहले युवराज एलोइस ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा, “भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते से मिले अवसरों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी तेजी से आगे बढ़ रही है।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लिकटेंस्टाइन के नेता की भारत यात्रा दोनों देशों की द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
युवराज एलोइस का मंगलवार सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत भी किया गया।