महिला आरक्षण पर 'यू-टर्न'! जयराम रमेश का पीएम मोदी पर तीखा हमला, बोले-'हार के डर से 30 महीने बाद बदला मन'

By रेनू तिवारी | Apr 10, 2026

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया लेख पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे चुनावी हथकंडा करार दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में महिलाओं का समर्थन हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर "यू-टर्न" लिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।

उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण को परिसीमन और उस जनगणना की कवायद पर निर्भर बना दिया था, जिसे वह कराने में विफल रहे और फिर कई वर्षों तक टालते रहे। रमेश ने दावा किया, ‘‘अब जब निर्वाचन आयोग के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालय के रूप में कार्य करने के बावजूद विधानसभा चुनावों में (भाजपा की) हार तय नजर आ रही है तब 30 महीनों बाद प्रधानमंत्री ने अपना मन बदल दिया है। वह चाहते हैं कि हम जनगणना को भूल जाएं और जनगणना आधारित परिसीमन को इस आधार पर भूल जाएं कि इसमें बहुत लंबा समय लगेगा।’’

उन्होंने कहा कि यह इस तथ्य के बावजूद है कि उनके जनगणना पंजीयक ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के परिणाम 2027 तक सामने आ जाएंगे। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह एक कहानी है जो झूठ और गोलमोल बातों पर आधारित है। यह सब इस उम्मीद से किया गया है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की महिलाएं भाजपा का समर्थन करेंगी। आख़िरकार, भाजपा के पास इन राज्यों में किसी अन्य मुद्दे पर कोई सार्थक विमर्श नहीं है।’’

रमेश ने दावा किया, ‘‘यह मोदी सरकार का यू-टर्न है, जो विपक्ष के साथ जुड़ने की उसकी अनिच्छा और योजना की पूर्ण कमी को उजागर करता है।’’ उन्होंने आरोप लगाया , ‘‘प्रधानमंत्री मोदी पहले से ही यू-टर्न का श्रेय लेने का दावा कर रहे हैं। उनके पाखंड और धोखे की कोई सीमा नहीं है। यह सब शासन में उनकी बड़ी विफलताओं और विदेश नीति में गंभीर झटकों को छुपाने के लिए है।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत में करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। मोदी ने सभी सांसदों से इस कदम का समर्थन करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में यह भी कहा था कि यह कदम उस सिद्धांत की पुष्टि है जिसने लंबे समय से भारत की सभ्यतागत विचारधारा का मार्गदर्शन किया है कि समाज तभी प्रगति करता है जब महिलाएं प्रगति करती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का लेख: क्या था मुख्य संदेश?

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी वेबसाइट पर एक लेख प्रकाशित कर महिला आरक्षण को "करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब" बताया था। उनके लेख के प्रमुख बिंदु थे:

एकजुटता का आह्वान: प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करने की अपील की।

सभ्यतागत विचारधारा: उन्होंने कहा कि समाज तभी प्रगति करता है जब महिलाएं प्रगति करती हैं, और यह विधेयक इसी सिद्धांत की पुष्टि है।

महज विधायी प्रक्रिया नहीं: पीएम के अनुसार, यह कानून केवल कागज पर नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सभ्यतागत सोच का हिस्सा है। 

प्रमुख खबरें

Spain ने किया Team का ऐलान, Real Madrid के सितारे बाहर, Lamine Yamal पर खेला बड़ा दांव

World Cup से पहले Lionel Messi के Last Match में ड्रामा, चोट की आशंका से मैदान छोड़ा

सेबी का Options Trading पर बड़ा दांव, Live Market में जुड़ेंगे नए Strike Price

US-Iran डील की उम्मीद और Crude Oil में गिरावट का असर, Sensex में 1000 अंकों का बड़ा उछाल