By अभिनय आकाश | Feb 21, 2026
तारिक रहमान का पीएम बनते ही बांग्लादेश में जो कुछ भी बदलाव देखने को मिल रहा है वो इस बात की ओर साफ इशारा कर रहा है कि जल्द ही बांग्लादेश से भारत विरोधी और नफरती एजेंडा खत्म होने वाला है। खासकर जिस तरह से अंतरिम सरकार का मुखिया बनकर यूनुस ने भारत विरोधी माहौल को हवा दी और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने का काम किया है। उस पर नकेल कसने का काम शुरू हो गया है। खासकर तारिक रहमान ने यूनुस के उन फैसलों को पलटना शुरू कर दिया है जिन्होंने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास पैदा की है। अब खबर है कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान लिए गए 100 से ज्यादा फैसले रद्द करने की बड़ी तैयारी कर ली गई है। यूनुस सरकार ने अंतरिम पावर का इस्तेमाल करते हुए डेढ़ साल में 132 अध्यादेश जारी किए। अब इन अध्यादेशों को अगर 25 दिन के भीतर पास नहीं कराया जाता तो वह सभी रद्द हो जाएंगे।
शेख हसीना की पार्टी से बैन को भी हटाया जा सकता है क्योंकि चुनाव के बाद आवामी लीग की कई जिलों में एक्टिविटी फिर से शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि आवामी लीग विपक्षी राजनीति में सक्रिय रहेगी। जुलाई विद्रोह से जुड़े कुछ अध्यादेशों की भी समीक्षा की जा रही है। इसे भी बदला जा सकता है। पार्टी के सांसदों ने शपथ ग्रहण के दौरान संविधान सुधार सदस्य के रूप में शपथ नहीं ली। जुलाई चार्टर को लागू करने की यह पहली कवायद थी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ जो कि यूनस के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहाउद्दीन चौधरी के मुताबिक बीएनपी के सदस्य सांसद चुनकर आए हैं। फैसला संसद में होगा। जुलाई चार्टर संविधान में संशोधन का एक प्रस्ताव है। इसके तहत बांग्लादेश में कोई भी शख्स दो बार से ज्यादा या 10 साल से ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठ सकता।