PMJDY में 59 करोड़ खाते खुले, कुल 3.17 लाख करोड़ रुपये जमा; 56% महिलाएं शामिल

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 27, 2026

सरकार की प्रमुख वित्तीय समावेशन योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के 12 साल पूरे हो गए हैं और इसके तहत खोले गए बैंक खातों की संख्या 59 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, इन खातों में कुल जमा राशि 3.17 लाख करोड़ रुपये हो गई है।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि 19 अगस्त, 2026 तक प्रति खाता औसत जमा राशि 5,356 रुपये थी। पिछले 12 वर्षों में प्रति खाता औसत जमा राशि 3.4 गुना बढ़ी है। मंत्रालय ने कहा कि औसत जमा राशि में वृद्धि खातों के बढ़ते इस्तेमाल और खाताधारकों में बचत की आदत विकसित होने का एक और संकेत है।

योजना की वर्षगांठ पर वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पीएमजेडीवाई की सफलता को केवल खोले गए खातों की संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि देश के बैंकिंग और वित्तीय परिदृश्य में आए बदलाव के संदर्भ में भी इसका आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएमजेडीवाई ने लाखों लोगों, विशेषकर समाज के वंचित वर्गों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराकर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद की है। चौधरी ने कहा, ‘‘खाते के स्वामित्व ने आम आदमी के लिए बीमा और पेंशन कवरेज हासिल करना संभव बनाया है।

प्रत्येक राज्य और जिले में लगातार चलाए गए ‘संतृप्ति’ अभियान के माध्यम से हम बैंक खातों की लगभग सार्वभौमिक पहुंच की दिशा में आगे बढ़े हैं और जरूरतमंद लोगों तक बीमा तथा पेंशन योजनाओं की पहुंच लगातार बढ़ाई गई है।’’ उन्होंने पीएमजेडीवाई को आम लोगों तक पहुंचाने और इसकी सफलता में योगदान देने के लिए देशभर में तैनात बैंकरों तथा बैंकिंग प्रतिनिधियों के प्रयासों की भी सराहना की। मंत्रालय ने कहा कि पीएमजेडीवाई को केंद्र में रखकर बनाई गई जन-धन, आधार और मोबाइल (जेएएम) त्रिमूर्ति वित्तीय सहायता के प्रत्यक्ष अंतरण के लिए एक ऐसा तंत्र साबित हुई है, जिसमें धन के दुरुपयोग की गुंजाइश बेहद कम है। मंत्रालय के अनुसार, जेएएम के जरिये सरकार ने वंचित वर्गों के बैंक खातों में कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सीधे अंतरित किए हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका और भुगतान में होने वाली देरी को खत्म करने में मदद मिली है।

पीएमजेडीवाई के तहत पात्र खाताधारकों को बिना न्यूनतम शेष राशि की अनिवार्यता और रखरखाव शुल्क के मूल बैंक खाता उपलब्ध कराया जाता है। इन खातों के साथ मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड भी दिए जाते हैं, जिन पर दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है। मंत्रालय ने कहा कि पीएमजेडीवाई खाताधारकों को 41.29 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं और समय के साथ इन कार्ड की संख्या तथा उनका इस्तेमाल बढ़ा है।

खाताधारक 10,000 रुपये तक की ओवरड्रॉफ्ट सुविधा के भी पात्र हैं, जिससे आपात स्थिति में उन्हें वित्तीय सहायता मिलती है। मंत्रालय ने कहा कि खातों में दिखाई देने वाले बचत के रुझान के आधार पर खाताधारक अब ऋण, जिसमें मुद्रा ऋण भी शामिल है, हासिल करने के पात्र हैं। इससे लोगों को अपनी आय बढ़ाने और वित्तीय मजबूती हासिल करने में मदद मिल रही है।

मंत्रालय के अनुसार, पीएमजेडीवाई खातों ने लाखों लोगों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों तक बीमा और पेंशन की पहुंच बढ़ाने में भी मदद की है।

प्रमुख खबरें

दिल्ली पुलिस ने INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर चार FIR दर्ज कीं, BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन का हवाला दिया

Ballia murder case: रोहित पांडेय हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद, 1.85 लाख जुर्माना

Garba Look: चनिया-चोली नहीं है तो Skirt और Crop Top से ऐसे पाएं परफेक्ट एथनिक लुक

Pakistan के पंजाब में Rehman Baba Express बेपटरी, 5 यात्रियों की मौत और 30 घायल