By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 28, 2023
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि विपक्ष पर उनकी टिप्पणियां पिछले सप्ताह पटना में गैर-भाजपा दलों की ‘‘सफल’’ बैठक के बाद उनकी पार्टी के खेमे में पैदा हुई चिंता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा और पटना में हुई बैठक को महज ‘‘तस्वीरें खिंचवाने का अवसर’’ बताया। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर और तमिलनाडु के कुछ राजनीतिक दलों के साथ ही कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और वाम दल जैसे कई प्रतिद्वंद्वियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मेजबानी में पटना में एक बैठक में भाग लिया था जिसका उद्देश्य अगले लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा लगाए भ्रष्टाचार के आरोप बार-बार की जा रही घिसी-पिटी बातों की तरह लगता है क्योंकि ‘‘कभी नारद और शारदा घोटालों में शामिल रहे भाजपा के लोग अब पश्चिम बंगाल की उसकी इकाई में वरिष्ठ पदों पर बैठे हैं।’’ प्रधानमंत्री की विपक्ष द्वारा मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने तथा भड़काने के लिए समान नागरिक संहिता के मुद्दे का इस्तेमाल करने के आरोपों पर टीएसमी नेता ने कहा, ‘‘इस देश के लोग भली-भांति जानते हैं कि किस पार्टी ने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी थोपने की कोशिश की और कौन-सी पार्टी देश में दंगे भड़काने में शामिल रहती है।’’ इस बीच, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने प्रधानमंत्री के दावों का समर्थन किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘‘पूरा देश टीएमसी के भ्रष्टाचार के बारे में जानता है और विपक्षी एकता के संबंध में, हमने 2019 और 2014 में भी ऐसे ही प्रयास और उसके नतीजे देखे। जब भी सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो इस देश के लोग भाजपा पर भरोसा करते हैं।