By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 25, 2026
मुंबई की एक विशेष अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी की पत्नी को करोड़ों रुपये के पीएनबी घोटाले से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपमुक्त करने से मंगलवार को इनकार कर दिया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश एसके करहाले ने कहा कि आशालता शेट्टी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आरोप तय करने के लिए “पर्याप्त सबूत और ठोस आधार” मौजूद हैं। आशालता पीएनबी में क्लर्क के पद पर कार्यरत थीं।
अभियोजन पक्ष ने इस बात को रेखांकित किया कि जांच की अवधि के दौरान आशालता को उनके वेतन से हुई आय लगभग 22.60 लाख रुपये थी, जबकि उन्होंने 88 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की, जिससे उनकी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा हो गई। सीबीआई ने गोकुलनाथ और आशालता के खिलाफ नवंबर 2018 में एक अप्रैल 2011 और 31 मई 2017 के बीच बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति जुटाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। सीबीआई के मुताबिक, जांच में पता चला कि दंपति के पास 4.28 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से 570 फीसदी से भी अधिक है।
जांच एजेंसी के अनुसार, मलाड, पनवेल और ठाणे में संपत्ति खरीदने के लिए दोनों आरोपियों के खातों से करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया था। दस्तावेजों पर गौर करने के बाद अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया दोनों आरोपियों ने करोड़ों रुपये की ऐसी संपत्ति जमा की है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज्यादा है, लिहाजा आशालता के खिलाफ आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। गोकुलनाथ करोड़ों रुपये के पीएनबी घोटाले में आरोपी हैं, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई दोनों एजेंसियां कर रही हैं।